भोपाल (क्राइम रिपोर्टर) | मिसरोद के जाटखेड़ी स्थित ‘रूचि लाइफस्कैप’ कॉलोनी की सुरक्षा में सेंध लगाकर बदमाशों ने पुलिस और सिक्योरिटी एजेंसी को खुली चुनौती दे डाली है। सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात तीन नकाबपोश बदमाशों ने किसी पेशेवर अपराधी की तरह ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करते हुए दो महिला डॉक्टरों के घर पर धावा बोला और 5 लाख के जेवर लेकर रफूचक्कर हो गए।
सीसीटीवी में कैद खौफनाक ‘टाइमलाइन’
कॉलोनी के सीसीटीवी फुटेज ने सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है। फुटेज के अनुसार:
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रात 2:00 बजे: तीन नकाबपोश बदमाश पिछली दीवार फांदकर कॉलोनी में दाखिल हुए।
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2:00 से 3:00 बजे तक: बदमाशों ने करीब एक घंटे तक ब्लॉक नंबर-7, 8 और 9 में रेकी की और कई घरों के दरवाजों को टटोला।
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रात 3:00 बजे के करीब: शातिरों ने ब्लॉक-7 की पहली मंजिल पर स्थित डॉ. ध्वनिका रोहित और डॉ. वर्तिका दुबे के घर के मुख्य दरवाजे को एक विशेष तकनीक से खोला और अंदर दाखिल हुए।
सिरहाने मौत सा सन्नाटा और अलमारी साफ
हैरानी की बात यह है कि वारदात के वक्त दोनों डॉक्टर घर के भीतर ही गहरी नींद में सो रही थीं। बदमाशों ने इतनी खामोशी से अलमारी के लॉक तोड़े कि पास सो रही डॉ. ध्वनिका को आहट तक नहीं मिली। चोरों ने सिर्फ कीमती गहनों पर फोकस किया और सोने की दो चेन व झुमके समेत करीब 5 लाख रुपये का माल बटोर लिया। सुबह जब अलमारी खुली मिली, तब चोरी का खुलासा हुआ। पीड़ित डॉक्टर मूलतः इटारसी की रहने वाली हैं और शहर के निजी अस्पताल में कार्यरत हैं।
पुराना गिरोह, पुरानी लापरवाही?
कॉलोनी के रहवासी संतोष कुमार ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि यह वही गिरोह है जिसने एक महीने पहले भी एक डुप्लेक्स को निशाना बनाया था। सीसीटीवी में दिख रहे हुलिए पिछले महीने की चोरी के संदिग्धों से मेल खाते हैं। रहवासियों का कहना है कि पुलिस की सुस्ती के कारण बदमाशों के मन से कानून का खौफ खत्म हो चुका है।
जांच का घेरा:
मिसरोद पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या कॉलोनी के सुरक्षा गार्ड उस वक्त सो रहे थे या वे राउंड पर नहीं थे। फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स की टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए हैं।








