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शैक्षणिक स्वेच्छाचारिता पर लगाम: प्राचार्य रानाडे निलंबित

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बालोद (छत्तीसगढ़): नियमों की आड़ में मानवीय संवेदनशीलता की अनदेखी करने वाले स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, दल्लीराजहरा के प्राचार्य टीआर रानाडे को अंततः निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई तब हुई जब 18 जुलाई को उन्होंने हाईस्कूल पूरक परीक्षा में शामिल होने आए दो छात्रों—करण कुमार उर्वशा और कुणाल भूआर्य—को महज इसलिए परीक्षा से वंचित कर दिया क्योंकि उनकी पैंट गीली थी और वे केवल शर्ट-टाई पहने थे।

प्राचार्य ने छात्रों की मजबूरी को दरकिनार करते हुए उन्हें ‘पूर्ण यूनिफॉर्म’ में लौटने का फरमान सुनाया। छात्रों के वापस आने तक परीक्षा का समय समाप्त हो चुका था। छात्रों के भविष्य के साथ किए गए इस खिलवाड़ और जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने तत्काल हस्तक्षेप किया।

प्रशासनिक जाँच में यह भी सामने आया कि प्राचार्य केवल यूनिफॉर्म विवाद तक ही सीमित नहीं थे। उन पर शिक्षिका के परिधान पर अनुचित टिप्पणी, मध्यान्ह भोजन में कीड़े पाए जाने के गंभीर मामले को नजरअंदाज करने और पालकों के साथ दुर्व्यवहार जैसे कई अन्य आरोप भी सिद्ध हुए हैं।

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया गया यह निलंबन स्पष्ट करता है कि शैक्षणिक संस्थानों में लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और छात्रों/स्टाफ के प्रति अनुचित व्यवहार अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्राचार्य रानाडे का मुख्यालय निलंबन अवधि के लिए डीईओ कार्यालय बालोद निर्धारित किया गया है।

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