Korba Chhattisgarh: कोरबा जिले में एसईसीएल द्वारा 6 से 8 मंजिला टावरों का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें पार्किंग के लिए अतिरिक्त मंजिल है। ये इमारतें गेवरा और दीपका क्षेत्र में बनाई जा रही हैं। बताया जा रहा है कि इन टावरों में कुल 686 फ्लैट होंगे।


नियमों की अनदेखी
– कोरबा जिला प्रशासन ने खदान क्षेत्र होने के कारण पहले केवल ग्राउंड पार्किंग + 5 मंजिल निर्माण की अनुमति दी थी।
– लेकिन एसईसीएल द्वारा बनाए जा रहे टावरों की ऊंचाई इससे अधिक है, जो नियमों की अनदेखी को दर्शाता है।
– टाउन एंड कंट्री प्लानिंग कोरबा के डिप्टी डायरेक्टर ने बताया कि उनके कार्यालय से कोई अनुमति नहीं ली गई है।
जांच की मांग
– इस मामले में जांच की मांग की जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि नियमों की अनदेखी कैसे हुई।
– एसईसीएल के अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
– स्थानीय लोगों का कहना है कि इन टावरों के निर्माण से क्षेत्र में कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
क्या है नियम
– नियमानुसार 33 मीटर तक भवन निर्माण लो राइज बिल्डिंग कैटेगरी में आता है, जिसकी निर्माण अनुमति संबंधित जिले के टाउन एंड कंट्री विभाग से मिलती है।
– इससे अधिक ऊंचाई के भवन निर्माण के लिए राज्य कार्यालय को अधिकार है, लेकिन इसके लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में कमिटी जांच कर रिपोर्ट देती है ।








