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कोरबा: डंप किया गया राखड़ खेतों में घुसा, किसानों की फसल बर्बाद

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Korba Chhattisgarh: कोरबा-पश्चिम गेवरा-पेंड्रा रेल मार्ग के निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर राखड़ डंप किया गया है, जो भारी बारिश के कारण आसपास के खेतों में घुस गया है और धान की फसल को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। गेवरा स्टेशन के पास ग्राम भैरोताल और कुचेना सीमा पर रेल पथ निर्माण कंपनी का कार्य चल रहा है, जहां समतलीकरण के लिए बिजली संयंत्रों से निकली राखड़ का उपयोग किया गया है।

फसल बर्बादी की समस्या
राखड़ के कारण कई एकड़ क्षेत्र में लगे धान की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों ने आवारा मवेशियों से फसल की सुरक्षा के लिए फेंसिंग पर हजारों रुपये खर्च किए थे, लेकिन राखड़ के कारण उनकी सारी उम्मीदें खत्म हो गई हैं।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की अनदेखी
स्थानीय जनप्रतिनिधि, शासन और प्रशासन के अधिकारियों ने इस मामले में कोई ध्यान नहीं दिया है, जिससे किसानों को अपनी समस्या के समाधान के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

मुआवजा निर्धारण में अनियमितता
इसके अलावा, सड़क निर्माण के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है, लेकिन मुआवजा निर्धारण में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड के गाइडलाइन के अनुसार निगम क्षेत्र में 52 डिसमिल से कम जमीन होने पर वर्ग फीट के हिसाब से मुआवजा तैयार किया जाना चाहिए, लेकिन राजस्व विभाग ने डिसमिल दर से मुआवजा का निर्धारण किया है, जिससे किसानों को कई लाखों रुपये का नुकसान होगा।

ऊर्जा धानी भू-विस्थापित संगठन का आरोप
ऊर्जा धानी भू-विस्थापित संगठन ने आरोप लगाया है कि जिला प्रशासन और राज्य सरकार की ओर से गैर जिम्मेदाराना कार्रवाई की जा रही है। संगठन के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने कहा है कि जिला कलेक्टर से शिकायत करने के बाद उच्च न्यायालय में प्रकरण दर्ज कराया जाएगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन किया जाएगा ।

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