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गणपति पंडाल में खेलते समय 10 वर्षीय बच्चे को आया हार्ट अटैक, मां की गोद में लेटते ही चली गई जान..बच्चों में हार्ट अटैक के संभावित कारण

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महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के कोडोली गांव में एक दुखद घटना घटी, जहां 10 वर्षीय श्रवण अजीत गावड़े की हार्ट अटैक से मौत हो गई। श्रवण गुरुवार शाम को इलाके के गणपति मंडल के पंडाल में अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था, तभी अचानक उसकी तबियत बिगड़ गई। वह दौड़ता हुआ घर लौटा और अपनी मां की गोद में लेट गया, जहां उसने अंतिम सांस ली।

घटना के मुख्य बिंदु:

;>- हार्ट अटैक का कारण: प्राथमिक जानकारी के अनुसार, श्रवण की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है।

>- ग्राम में शोक: इस घटना से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और परिवार वाले सदमे में हैं।

>- बच्चे की उम्र: श्रवण की उम्र महज 10 वर्ष थी और वह अपने परिवार के साथ वैभव नगर इलाके में रहता था

–  एक अन्य घटना

बता दे कि जुलाई 2025 में उत्तरप्रदेश के बाराबंकी जिले में एक 12 वर्षीय बच्चे की जान देखते देखते ही चली गए थी। यह घटना बाराबंकी के देवा थाना क्षेत्र के थेरी बिशुनपुर गांव की है। क्लास सातवीं का छात्र अखिल प्रताप सिंह जो सेंट एंथोनी स्कूल में पढ़ता था . अपने पिता के साथ कार में स्कूल पहुंचा, गर्मियों की छुट्टी के बाद स्कूल का पहला दिन था और अखिल बहुत खुश था। कार से उतर कर बैग लेकर वह स्कूल गेट की ओर चल पड़ा लेकिन जैसे ही वह गेट के पास पहुंचा अचानक चक्कर खा कर जमीन में गिर पड़ा और बेहोश हो गया और अस्पताल  पहुंचने पहले ही उसकी कुछ ही पल में सांसे थम गई। बच्चे की अचानक मौत ने आसपास में मौजूद लोगों को झकझोंर कर रख दिया।बच्चा एकदम स्वस्थ था, परिजनों के अनुसार कोई बीमारी नहीं थी। डॉक्टरों ने मुताबिक वह साइलेंट हार्ट   अटैक का शिकार हुआ है। डॉक्टर के अनुसार ऐसी घटनाएं दुर्लभ होती हैं लेकिन अचानक दिल का दौरा पड़ना एक संभावना हो सकती है।

बच्चों में हार्ट अटैक के संभावित कारण:

;>- *लक्षणों की अनुपस्थिति:* साइलेंट हार्ट अटैक में लक्षण प्रतीत नहीं होते हैं, लेकिन बीमारी अवश्य रहती है। कभी-कभी ज़्यादा सोचने या शॉक वाली न्यूज सुनने से बच्चों को साइलेंट हार्ट अटैक आ जाता है।

बच्चों में हृदय संबंधी समस्याओं के लक्षण:

>- सांस लेने में कठिनाई

>- त्वचा या होंठों का नीला पड़ना

;>- छाती में दर्द

>- असामान्य दिल की धड़कन

>- थकावट और सुस्ती

बच्चों में हृदय संबंधी समस्याओं के प्रकार:::

>- जन्मजात हृदय रोग

>- अर्जित हृदय रोग

>- सायनोसिस दोष

>- नॉन-सायनोसिस दोष

सावधानी की आवश्यकता:::

>- नियमित स्वास्थ्य जांच

>- स्कूलों में मेडिकल सुविधा

>- लक्षणों की पहचान और तुरंत डॉक्टर से परामर्श

बच्चों की अचानक मौत ने छोटे बच्चों में दिल की बीमारी और हार्ट अटैक जैसे गंभीर मामलों पर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अब बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच और स्कूलों में मेडिकल सुविधा को लेकर गंभीरता जरूरी हो गई है ।

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