Raja of Katghora: A new center of faith and attraction in Chhattisgarh
कोरबा जिले के कटघोरा शहर में गणेश चतुर्थी का उत्सव बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस वर्ष गणेशोत्सव समिति ने भव्य पंडाल और मूर्ति के जरिए भक्तों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनाया है।


*भव्य पंडाल और मूर्ति*
भव्यतम पंडाल और मोहक ‘कटघोरा का राजा’ की प्रतिमा इस साल उत्सव का मुख्य आकर्षण है। केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित भगवान विष्णु के पद्मनाभस्वामी मंदिर की 111 फुट ऊंची प्रतिकृति है। यह भव्य पंडाल अपनी कलात्मकता और विशालता के कारण छत्तीसगढ़ में आस्था और आकर्षण का नया केंद्र बन गया है।

*21 फुट ऊंची गणेश प्रतिमा*


इस पंडाल में स्थापित ‘कटघोरा का राजा’ की 21 फुट ऊंची गणेश प्रतिमा भी भक्तों को खूब लुभा रही है। यह मूर्ति छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के ग्राम थनौद की प्रसिद्ध राधा कला दीर्घा में बनाई गई है।

*हजारों श्रद्धालुओं का आगमन*

मूर्ति और पंडाल की भव्यता देखने के लिए राज्य के कोने-कोने से हजारों श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। गणेशोत्सव समिति ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल भव्यता प्रदर्शित करना नहीं, बल्कि लोगों में भक्ति, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देना भी है।

*सुरक्षा और सुविधाएं*
पंडाल में रोजाना गंगा आरती की तर्ज पर विशेष आरती का आयोजन किया जा रहा है, जो भक्तों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पंडाल के अंदर और बाहर पुलिस और निजी सुरक्षा गार्डों की तैनाती की गई है। इसके अलावा, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पीने के पानी, शौचालय और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई हैं।
*गर्व का विषय*
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि यह आयोजन न केवल कटघोरा के लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है।








