महाराष्ट्र राज्य बिजली उत्पादन कंपनी लिमिटेड (महाजेनको) द्वारा छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में विकसित की जा रही गारे पेलमा सेक्टर-दो कोल माइंस परियोजना को सरकार ने आवश्यक स्वीकृतियां दे दी हैं. अब यह कोयला खदान संचालन के लिए पूरी तरह तैयार है. यह परियोजना भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ राज्य में रोजगार और आधारभूत विकास के अवसरों को बढ़ावा देगी।ऊर्जा क्षेत्र की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर में सुधार और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए एक संतुलित मॉडल के रूप में कार्य करेगी.
Chhattisgarh News: रायगढ़ जिले के तमनार तहसील में स्थित 14 गाँवों के लगभग 4000 परिवार महाराष्ट्र राज्य बिजली उत्पादन कंपनी लिमिडेड (महाजेनको) की जीपी II कोयला खदान परियोजना से करोड़पति बनने की राह पर हैं। इस परियोजना के तहत इन परिवारों को प्रति एकड़ 35 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही, 2435 करोड़ रुपये के पुनर्वास और पुनःस्थापन पैकेज के तहत आवास, इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
*परियोजना के प्रमुख बिंदु:*
– *रोजगार के अवसर*: इस परियोजना से 3400 प्रत्यक्ष और हजारों अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएंगे।
– *आर्थिक निवेश*: महाजेनको इस परियोजना में 7500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, जिससे रायगढ़ में समृद्धि आएगी।
– *कर राजस्व*: खदान के जीवनकाल में महाजेनको राज्य और केंद्र सरकारों को लगभग 30,000 करोड़ रुपये रॉयल्टी, जीएसटी और अन्य करों के रूप में देगी।
– *पर्यावरण संरक्षण*: महाजेनको 32 वर्षों में 2256.60 हेक्टेयर क्षेत्र में 56 लाख से अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया है, जिससे पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखा जा सके।
– *कोयला उत्पादन*: जीपी II खदान प्रतिवर्ष 23.6 मिलियन टन कोयला उत्पादन करेगी, जिससे राष्ट्रीय ग्रिड को 3200 मेगावाट से अधिक बिजली मिलेगी ।
*ग्रामीणों की प्रतिक्रिया*
ग्रामीणों ने इस परियोजना का स्वागत किया है और जिला प्रशासन से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तुरंत शुरू करने का आग्रह किया है। कई स्थानीय लोग आवास, खानपान और रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए व्यवसायों में निवेश करना शुरू कर चुके हैं। एक ग्रामीण ने कहा, “हम वर्षों से विकास का इंतजार कर रहे थे। महाराष्ट्र सरकार की यह परियोजना सिर्फ पैसों के बारे में नहीं है, बल्कि यह गरिमा, रोजगार और बेहतर भविष्य पर केंद्रित है।








