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चेम्बर ऑफ कॉमर्स और GST आधिकारियों की बैठक: व्यापारियों की समस्याओं पर चर्चा

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Meeting of Chamber of Commerce and GST officials: Problems of traders discussed

रायपुर, 6 अगस्त। चैम्बर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों की बुधवार को करदाता सेवा महानिदेशालय, अहमदाबाद क्षेत्रीय इकाई के अफसरों के साथ चेम्बर पदाधिकारियों से जीएसटी समस्याओं को लेकर चर्चा हुई जिसमें केन्द्रीय जीएसटी, और राज्य जीएसटी की समस्याओं पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई।

व्यापारियों की समस्या

चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने कहा कि कि फेक इनवाइस से संबंधित उस व्यापारी के खिलाफ जांच की जावे जिसने फेक इनवाइस जारी किया है, न कि उन व्यापारियों को परेशान किया जावे जो फेक इनवाइस से पीड़ित है। ऐसा देखा गया है कि विभाग द्वारा फेक इनवाइस से पीड़ित डीलर और उसके ग्राहकों को नोटिस भेजकर परेशान किया जाता है।

ई-वे बिल में लिपिकीय त्रुटि

उन्होंने आग्रह किया कि अधिकारी, व्यापारियों के साथ सहयोग की भावना रखें। कभी-कभी व्यापारियों से ई-वे बिल जारी करते समय लिपिकीय त्रुटि हो जाती है ऐसी स्थिति में विभाग 200 प्रतिशत पेनाल्टी की मांग करता है जो कि गलत है। जबकि ऐसे प्रकरण में
विभाग द्वारा 2018 में नोटिफिकेशन जारी कर यह निर्देशित किया गया है कि लिपिकीय त्रुटि की दशा में मात्र एक हजार रुपए पेनाल्टी लगनी चाहिये।

छोटी गलतियो को नजर अंदाज करे

थौरानी ने यह भी निवेदन किया कि जब व्यापारियों द्वारा टैक्स भुगतान कर माल बेचा जाता है तो उनसे सहयोग की भावना कर उनके द्वारा की गई छोटी-छोटी गल्तियों को नजर अंदाज करना चाहिये।

चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष थौरानी ने उपस्थित अधिकारियों को व्यापारियों की समस्याओं की जानकारी देते हुए बताया कि व्यापारी अभी मेल का उपयोग ज्यादा नहीं करते हैं तो ऐसी स्थिति में अनेकों बार विभाग के नोटिस का जवाब समय पर नहीं दे पाते, परिणामस्वरूप उन्हें भारी पेनाल्टी का भुगतान करना पड़ता है।

व्यापारियों का सुझाव

चेम्बर ने अफसरों को सुझाव दिया कि जिन भी व्यापारियों के खिलाफ नोटिस भेजा गया है पोर्टल में उनके नाम पर “पॉपप” होना चाहिये जिससे व्यापारियों को जानकारी हो सके।

व्यापारियों को सुनवाई का मौका

चेम्बर ने विरोध जताया कि कई बार व्यापारियों द्वारा ई-वे बिल में अनियमिततायें हो जाती हैं, ऐसी स्थिति में विभाग द्वारा तुरंत टैक्स भुगतान के लिए दबाव बनाया जाता है। जबकि चेम्बर का सुझाव है कि ऐसी स्थिति में व्यापारियों को सुनवाई का मौका दिया जाना चाहिये। क्रेडिट लेजर को ब्लॉक किया जा सकता है। उनके वाहन को तुरंत मुक्त किया जावे ताकि उनके व्यापार में कोई अवरोध उत्पन्न न हो सके।

आधिकारियों की प्रतिक्रिया

करदाता सेवा महानिदेशालय, अहमदाबाद क्षेत्रीय इकाई के अधीक्षक अनिल कुमार श्रीधरन ने कहा कि हम चेम्बर एवं सरकार के साथ समन्वय कराने में “सेतु” का काम करेंगे। चेम्बर से प्राप्त नीति स्तर के मुद्दे, प्रक्रिया -पुनर्गठन और अन्य संशोधन, रजिस्ट्रेशन, रिफंड एवं अन्य सभी समस्याओं को जीएसटी कौंसिल में भिजवाने की कोशिश व्यापारियों की समस्याओं को निराकरण का भरपूर प्रयास करेंगे।

इस अवसर पर करदाता सेवा महानिदेशालय, अहमदाबाद क्षेत्रीय इकाई के अधिकारीगण संयुक्त निदेशक चंचल कुमार तिवारी, अधीक्षक द्वय अनिल कुमार श्रीधरन, मनीष सोनकर, निरीक्षक-कुमार गौरव एवं चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी, वाइस चेयरमेन चेतन तारवानी, सी.ए. योगेश वल्यानी, कार्यकारी अध्यक्ष – राधाकिशन सुन्दरानी, राजेश वासवानी, कार्यकारी महामंत्री कपिल दोशी, उपाध्यक्ष-लोकेश आजचंद्रकांत जैन, दिलीप इसरानी, मंत्री-रितेश वाधवा, धनेश मटलानी, जतिन नचरानी, प्रसुन दीक्षित आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

 

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