Road construction scam in Bijapur: Major action in journalist Mukesh Chandrakar murder case
छत्तीसगढ़ न्यूज:बीजापुर जिले में गंगालूर से मिरतुर तक बन रही सड़क में भारी भ्रष्टाचार की परतें अब खुलने लगी हैं। इस निर्माण कार्य में अनियमितताओं के चलते पुलिस ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के दो सेवानिवृत्त कार्यपालन अभियंता (EE), एक वर्तमान EE, एक SDO और एक सब-इंजीनियर को गिरफ्तार कर लिया है। जिले के पुलिस अधीक्षक डॉ जितेन्द्र यादव ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है।
घटना के विवरण:
– गिरफ्तार आरोपियों: PWD के दो सेवानिवृत्त EE, एक वर्तमान EE, एक SDO और एक सब-इंजीनियर
– आरोप: सड़क निर्माण में अनियमितताएं और भ्रष्टाचार
– कार्रवाई: पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव ने की पुष्टि, सभी आरोपियों को दो दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजा गया
पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड:
– हत्या की वजह: मुकेश चंद्राकर ने गंगालूर-मिरतुर सड़क निर्माण में हो रही गड़बड़ियों को उजागर किया था
– हत्या का तरीका: शव चट्टनपारा बस्ती में रिश्तेदार ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के मजदूरों के लिए बनाए गए बाड़े के सेप्टिक टैंक से बरामद हुआ था
– गिरफ्तार आरोपी: सुरेश चंद्राकर, उनके दो भाई रितेश और दिनेश चंद्राकर सहित सुपरवाइजर महेंद्र रामटेके
सड़क निर्माण परियोजना:
– परियोजना की लागत: 73.08 करोड़ रुपये
– परियोजना का नाम: नेलसनार-कोड़ोली-मिरतुर-गंगालूर सड़क परियोजना
– भ्रष्टाचार: विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से घटिया निर्माण किया गया था
मुकेश चंद्राकर की पत्रकारिता:
– *निर्भीक पत्रकारिता: मुकेश चंद्राकर ने न सिर्फ सड़क निर्माण में हो रहे भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण कार्यों को उजागर किया, बल्कि सोशल मीडिया और वीडियो पोर्टल के जरिए लगातार जनहित से जुड़ी खबरें निर्भीकता से सामने रखीं
– सामाजिक सक्रियता: अप्रैल 2021 में बीजापुर के टकलगुड़ा में हुए माओवादी हमले के बाद, जब 22 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे और कोबरा कमांडो राकेश्वर सिंह मन्हास माओवादियों की कैद में थे, उस समय मुकेश ने उनकी रिहाई सुनिश्चित कराने में भी अहम भूमिका निभाई थी








