छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती वर्ष पर आयोजित कार्यशाला में मुख्यमंत्री ,विधानसभा अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष ने की शिरकत
छत्तीसगढ़ न्यूज: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर संसदीय रिपोर्टिंग विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने 25 वर्षों की गौरवमयी यात्रा पूरी की है और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ किया है।
मुख्यमंत्री के संबोधन की मुख्य बातें
– मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विधानसभा में अनेक नवनिर्वाचित विधायक भी हैं, जिनकी यह जिम्मेदारी है कि वे अपने क्षेत्र की समस्याओं को सदन में उठाएं।
– उन्होंने पत्रकारों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि आप सभी पत्रकार बंधु बड़ी मेहनत से विधानसभा की कार्यवाही को कवर करते हैं, जिससे आमजन यह जान पाते हैं कि विधायकों द्वारा उनके मुद्दों को गंभीरता से उठाया जा रहा है।
– मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा उत्कृष्ट पत्रकारों को सम्मानित करने की परंपरा को भी सराहा और कहा कि इससे पत्रकारों का मनोबल बढ़ता है तथा संसदीय रिपोर्टिंग को प्रोत्साहन मिलता है।
विधानसभा अध्यक्ष के विचार
– विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने संसदीय पत्रकारिता की महत्ता बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की स्वर्णिम यात्रा में पत्रकारों का योगदान अतुलनीय रहा है।
– उन्होंने कहा कि संसदीय पत्रकारिता अत्यंत संवेदनशील दायित्व है, जो सदन की गोपनीयता, अनुशासन और गरिमा को बनाए रखते हुए जनता तक सटीक एवं निष्पक्ष जानकारी पहुंचाने का कार्य करती है।
.नेता प्रतिपक्ष के विचार
कार्यशाला में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने पत्रकारों की भूमिका को नारद मुनि की परंपरा से जोड़ते हुए कहा कि पत्रकार समयबद्धता और सजगता के साथ लोकतंत्र के संवाहक होते हैं। डॉ. महंत ने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से सभी को कुछ नया सीखने का अवसर मिलेगा और संसदीय पत्रकारिता को समझने का दायरा और व्यापक होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह आयोजन उपयोगी सिद्ध होगा और पत्रकारों के कार्य को नई दिशा देगा।
इस अवसर पर
इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप, विधानसभा के सचिव श्री दिनेश शर्मा, आईआईएमसी के पूर्व महानिदेशक श्री संजय द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित थे।
कार्यशाला का उद्देश्य
– कार्यशाला का उद्देश्य पत्रकारों को संसदीय प्रक्रिया और रिपोर्टिंग के बारे में जानकारी प्रदान करना है।
– इससे पत्रकारों को अपने कार्य में सुधार करने और विधानसभा की गतिविधियों को अधिक प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। [1]








