कोरबा, 1जुलाई 2025: कोरबा चेम्बर ऑफ कॉमर्स के चुनाव को लेकर व्यापारियों में सरगर्मी तेज हो गई है। सबकी निगाहें चेम्बर के गौरवशाली अध्यक्ष पद टिकी हुई हैं। चर्चा इस बात को लेकर है की अध्यक्ष पद के दावेदार मौजूदा अध्यक्ष योगेश जैन ( पप्पू) क्या इस बार अपनी नैया पार कर लेगे? प्रतिद्वंद्वी अध्यक्ष पद के दावेदार गजानंद अग्रवाल (गज्जू) ने तो चुनाव लड़ रहे पूर्व पूर्व पदाधिकारियों पर तीखा हमला बोला है और गंभीर आरोप भी लगाए हैं। इस हमले और आरोपों का जवाब योगेश जैन या उनके पैनल से खड़े प्रत्याशियों की ओर से नहीं आया है। जैन के समर्थक व्यापारियों ने जरूर यह कहा है कि प्रतिद्वंद्वी बुरी कदर से घबराए हुए हैं उन्हें इस बात का एहसास हो गया हैं की चुनाव हाथ से निकल गया इसलिए मनगढ़ंत आरोप लगा कर माहौल को दूषित करने करने में लगे हुए हैं। जबकि मौजूदा अध्यक्ष योगेश जैन और उनकी कार्यकारिणी ने सदैव व्यापारी हित में ही कार्य किया है। और अधिकांश व्यापारियों की यही राय थी की दूसरी बार भी मौजूदा अध्यक्ष,महामंत्री और कोषाध्यक्ष को पुनः चुनाव लड़ाकर जिताया जाए। जैन के पैनल महामंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र अग्रवाल और कोषाध्यक्ष पद के उम्मीदवार ओमप्रकाश रामानी (ओमी) हैं। वहीं गजानंद के पैनल से महामंत्री पद के दावेदार सुभाष केडिया और कोषाध्यक्ष पद के उम्मीदवार विशाल सचदेव हैं। स्वतंत्र रूप से अध्यक्ष पद के लिए विनोद अग्रवाल और कोषाध्यक्ष पद के लिए राहुल मोदी भी अपनी किस्मत आजमाने चुनाव मैदान में है।
मतदान आज एक जुलाई को प्रातः 10 बजे से शाम 4 बजे तक होगा इस दिन शाम 5 बजे मतगणना होगी।
गजानंद पैनल ने उठाए प्रश्न लगाए आरोप
गजानंद पैनल ने चेम्बर की पूर्व कार्यकारिणी के कार्यकाल पर प्रश्न उठाते हुए उन्हें निष्क्रिय करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया की पूर्व कार्यकारिणी के द्वारा पिछले चुनाव के अपने घोषणा पत्र में किए हुए वादों को पूरा नहीं किया गया। वहीं अब इस चुनाव में उनके द्वारा नया घोषणा पत्र लाया गया है। सवाल उठता है कि जब पूर्व के घोषणा पत्र के वादों का कुछ हुआ नहीं, तो नये घोषणा पत्र के वादों के पूरा होने की क्या गारंटी है। गजानंद पैनल ने आरोप लगाया कि पूर्व कार्यकारिणी के द्वारा 3 वर्षों में एक भी बैठक नहीं बुलाई गई। साथ ही 4500 रजिस्टर्ड व्यापारी होने के बाद भी केवल 50 से 60 नये सदस्य चेम्बर में जोड़े गए। उन्होंने कहा कि जो संस्था व्यापारियों की आवाज बननी चाहिए थी वह कुछ लोगों का समूह बनकर रह गई।
गजानंद अग्रवाल ने कहा — व्यापारी हित के जितने वादे किए गए थे, उनमें से एक भी वादा पूरा नहीं हुआ। जो लोग 3 साल तक बैठक तक नहीं कर सके, वो अब फिर बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं। यह व्यापारियों के साथ मजाक है।
महामंत्री पद के उम्मीदवार सुभाष केडिया ने कहा — अब समय है कोरबा चेम्बर को जिंदा करने का। व्यापारियों की ताकत और समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने वाली टीम चाहिए। पुरानी टीम ने भरोसा तोड़ा है, नई टीम भरोसा बनाएगी।
कोषाध्यक्ष पद के उम्मीदवार विशाल सचदेव ने कहा — व्यापारियों के बीच नई ऊर्जा लाने के लिए नई सोच जरूरी है। हम हर सत्र में बैठक करेंगे, व्यापारियों की समस्या पर तुरंत कार्रवाई कर प्रशासन से समाधान की दिशा में कदम उठाएंगे।
खास बात
देखना ये है गजानंद पैनल निष्क्रियता का आरोप लगा कर मौजूदा अध्यक्ष योगेश के पैनल को दूसरी पारी खेलने से रोकने में सफल होते हैं या नही। योगेश जैन की अपनी व्यवहार कुशलता और कार्य क्षमता के कारण व्यापारियों के मध्य लोकप्रिय हैं और उन्हें पूरा भरोसा है कि उनके पैनल को व्यापारियों का भरपूर आशीर्वाद मिलेगा। वहीं , सरल ,सहज अध्यक्ष उम्मीदवार गजानंद अग्रवाल और उनके पैनल का दावा है कि जिले भर में सघन जनसंपर्क के दौरान उन्हें व्यवसाईयों का भरपूर समर्थन व आशिर्वाद प्राप्त हुआ है। हमें पूरी उम्मीद है कि सजग व्यवसाईयों के कारण निश्चित ही चुनाव परिणाम हमारे पक्ष आयेगा।








