नई दिल्ली 23 अक्टूबर 2026 BJP vs Congress : फ्रांस में हाल ही में हुए दंगों और भारत में निर्वाचन आयोग के खिलाफ हुए विरोध-प्रदर्शनों के बीच कथित संबंधों को लेकर एक मीडिया रिपोर्ट के सामने आने के बाद देश में राजनीतिक घमासान मच गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस रिपोर्ट का हवाला देते हुए कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर “अराजकता फैलाने और सत्ता परिवर्तन की विदेशी साजिश” का हिस्सा होने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा पर जनाक्रोश से ध्यान भटकाने और झूठ फैलाने का आरोप लगाया है।

विदेशी पड़ताल और ‘रेड-ग्रीन’ गठबंधन का दावा
‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ में प्रकाशित एक खबर के अनुसार, ‘फॉक्स न्यूज’ की एक जांच में यह दावा किया गया है कि फ्रांस के दंगों और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर भारत में हुए प्रदर्शनों के बीच संबंध हैं।
भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि विदेशी जांच से पता चलता है कि 9 देशों में फैले लगभग 101 संगठन एक ऐसा तंत्र चला रहे हैं, जिसका मकसद चुनी हुई सरकारों को गिराना है। भाटिया ने इसे ‘रेड-ग्रीन अलायंस’ करार देते हुए कहा कि इसमें लाल रंग कम्युनिस्ट समूहों का और हरा रंग इस्लामी संगठनों का प्रतिनिधित्व करता है। गौरव भाटिया ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि वे देश के सामने अराजकता का मॉडल पेश कर रहे हैं और उन्हें “गद्दार” व “मीर जाफर” तक कह दिया।
‘प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल’ से मुलाकात पर सवाल
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि जांच रिपोर्ट ‘ग्लोबल केऑस इंक ग्रोज टू 101 ग्रुप्स’ से यह साफ होता है कि ‘प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल’ (PI) नामक कम्युनिस्ट संगठन फ्रांस और भारत जैसे देशों में विरोध-प्रदर्शनों के संदेशों का समन्वय कर रहा था।
भंडारी ने आरोप लगाया कि अप्रैल 2025 में राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने ‘प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल’ के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। भाजपा ने कांग्रेस से सवाल किया:
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क्या कांग्रेस ने देश में हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान इस विदेशी संगठन के साथ समन्वय किया था?
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क्या राहुल गांधी का वियतनाम दौरा अराजक प्रदर्शनों से संबंधित निर्देश प्राप्त करने के लिए था?
कांग्रेस की तीखी प्रतिक्रिया
भाजपा के इन तीखे हमलों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में कथित ‘वोट चोरी’ को लेकर जनता में भारी आक्रोश है। भाजपा अपनी विफलताओं, हताशा और घबराहट को छिपाने के लिए इस तरह की कहानियां गढ़ रही है ताकि मुख्य मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाया जा सके।



