जगदलपुर/सुकमा 25 सितंबर 2026 Bastar Rain : बस्तर संभाग में लगातार तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। नदियां और नाले अपने उफान पर हैं, जिससे संभाग का संपर्क अन्य क्षेत्रों से टूटने की कगार पर पहुँच गया है। जलभराव, भूस्खलन और उफनती नदियों के चलते सड़क, रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

1. शबरी नदी खतरे के निशान से ऊपर, कोंटा में हाई अलर्ट
सुकमा जिले के कोंटा में शबरी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ते हुए खतरे के निशान को पार कर गया है।
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वर्तमान जलस्तर: 43.02 मीटर
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खतरे का निशान (Danger Level): 42.00 मीटर (1.02 मीटर ऊपर)
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चेतावनी स्तर (Warning Level): 40.50 मीटर
शबरी नदी के रौद्र रूप को देखते हुए प्रशासन ने पूरे कोंटा क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। निचली बस्तियों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने या विशेष सावधानी बरतने की सख्त ताकीद की गई है।
2. इंद्रावती नदी का बढ़ता दायरा, राहत दल मुस्तैद
संभाग की जीवनदायिनी कही जाने वाली इंद्रावती नदी का जलस्तर भी पल-पल बढ़ रहा है। जलभराव या संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन और राहत दलों को फील्ड में तैनात कर दिया गया है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि समय रहते लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।
3. रेल, सड़क और हवाई सफर पर लगा ब्रेक
बारिश और खराब मौसम की मार यातायात के हर साधन पर पड़ी है:
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रेल सेवा: किरंदुल-विशाखापट्टनम रेल मार्ग पर मलबे और लैंडस्लाइड (भूस्खलन) की वजह से ट्रेनों का परिचालन रुक गया है। रेलवे की टीम ट्रैक साफ करने में जुटी है।
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सड़क मार्ग: जगदलपुर-बीजापुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-63) पर केशलूर के पास सड़क के ऊपर से पानी बहने के कारण आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है।
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हवाई सेवा: जगदलपुर एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी कम होने और लगातार खराब मौसम के कारण जगदलपुर-हैदराबाद फ्लाइट को रद्द कर दिया गया है।
4. सुरक्षा के मद्देनजर 25 सितंबर को स्कूल बंद
छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिक ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने 25 सितंबर को बस्तर जिले के सभी शासकीय, निजी और अनुदान प्राप्त (Aided) विद्यालयों में छुट्टी की घोषणा कर दी है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने आम जनता और वाहन चालकों से अपील की है कि वे जलभराव वाले रास्तों, उफनते नदी-नालों और पुल-पुलियों को पार करने का जोखिम न उठाएं। किसी भी आपात स्थिति के लिए राहत दलों से संपर्क करने को कहा गया है।








