दिल्ली में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के दिग्गजों का जमावड़ा
रायपुर/नई दिल्ली 25 सितंबर 2026 Rahul Gandhi Delhi Meeting। छत्तीसगढ़ के चर्चित और दिल दहला देने वाले झीरम घाटी नक्सली हमले को लेकर कांग्रेस पार्टी एक बार फिर आक्रामक रुख अपनाने जा रही है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार (27 सितंबर) को नई दिल्ली में झीरम हमले के पीड़ित परिवारों और राज्य के शीर्ष कांग्रेस नेताओं के साथ एक अहम बैठक करेंगे। इस उच्चस्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत के हालिया फैसले की समीक्षा करना, जांच एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठाना और मामले को हाईकोर्ट में चुनौती देने की कानूनी रणनीति तैयार करना है।

दिल्ली में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के दिग्गजों का जमावड़ा
बैठक की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व उप-मुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव (भोपाल के रास्ते) दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं। बैठक में छत्तीसगढ़ के नए प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
पीड़ित परिवारों और दिवंगत नेताओं के परिजनों को बुलावा
इस बैठक के लिए झीरम हमले में शहीद हुए कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के परिजनों को विशेष रूप से दिल्ली आमंत्रित किया गया है:
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शहीद महेंद्र कर्मा का परिवार
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शहीद नंदकुमार पटेल के पुत्र व पूर्व मंत्री उमेश पटेल
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शहीद उदय मुदलियार के पुत्र जीतू मुदलियार
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धरसीवां की पूर्व विधायक श्रीमती अनीता योगेंद्र शर्मा
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राज्यसभा सांसद श्रीमती फूलोदेवी नेताम
‘समाचार पत्र छत्तीसगढ़’ से बातचीत में पूर्व विधायक अनीता योगेंद्र शर्मा ने पुष्टि की कि राहुल गांधी ने खुद इस संवेदनशील मुद्दे और कानूनी पहलुओं पर चर्चा के लिए सभी पीड़ित परिवारों और नेताओं को दिल्ली बुलाया है।
NIA जांच पर उठाए गंभीर सवाल, हाईकोर्ट जाएगी कांग्रेस
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, पार्टी NIA कोर्ट के हालिया फैसले से पूरी तरह असंतुष्ट है। कांग्रेस का आरोप है कि जांच एजेंसी ने इस मामले की साजिश के मुख्य पहलुओं को नजरअंदाज किया है।
पार्टी ने गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि झीरम हमले की साजिश में शामिल कई प्रमुख नक्सली पिछले कुछ समय में आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद NIA ने उनसे पूछताछ तक करने की ज़हमत नहीं उठाई। कांग्रेस का मानना है कि यह केवल एक राजनीतिक साजिश थी, जिसकी तह तक जाने के लिए लंबी कानूनी और राजनीतिक लड़ाई की जरूरत है।
राहुल गांधी करेंगे आगे की रणनीति का फैसला
सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने इस पूरे घटनाक्रम और कोर्ट के फैसले की प्रारंभिक जानकारी ले ली है। शनिवार को होने वाली बैठक में वे पीड़ित परिवारों की आपत्तियां सुनेंगे और कानूनी विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर मामले को हाईकोर्ट ले जाने तथा न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने की रूपरेखा तय करेंगे।
बैठक के बाद सभी प्रमुख नेता और पीड़ित परिवार 27 सितंबर को वापस रायपुर लौटेंगे।








