नगांव/समागुड़ी 21 सितंबर 2026Bhupesh Baghel Convoy Attacked : नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान सोमवार को समागुड़ी के बरमा इलाके में उस समय भारी सियासी संग्राम छिड़ गया, जब कांग्रेस पार्टी के हाई-प्रोफाइल चुनावी काफिले पर कथित तौर पर भीड़ द्वारा पथराव और बोतलों से हमला कर दिया गया। इस काफिले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं असम कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल, असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई, धुबरी से सांसद रकीबुल हुसैन और स्थानीय कांग्रेस उम्मीदवार सिबामोनी बोरा स्वयं मौजूद थे। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भारी सांप्रदायिक व राजनीतिक तनाव व्याप्त हो गया है।

काले झंडे, ‘गो बैक’ के नारे और अचानक पत्थरों की बरसात
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब कांग्रेस नेताओं का काफिला बरमा क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी सड़क किनारे जमा भीड़ ने काले झंडे लहराते हुए ‘गो बैक’ (वापस जाओ) के उग्र नारे लगाने शुरू कर दिए। देखते ही देखते नारेबाजी हिंसक झड़प में बदल गई और काफिले को निशाना बनाकर पत्थर तथा कांच की बोतलें फेंकी जाने लगीं।
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गाड़ियों को नुकसान: इस अचानक हुए हमले में भूपेश बघेल और गौरव गोगोई की गाड़ियों सहित काफिले के कई वाहनों के शीशे चकनाचूर हो गए।
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पत्रकारों पर हमला: मौके पर मौजूद मीडियाकर्मियों और छायाकारों के साथ भी हाथापाई तथा मारपीट किए जाने की खबरें सामने आई हैं।
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सुरक्षाबल पर पथराव: स्थिति को संभालने पहुंचे पुलिसकर्मियों और सुरक्षा घेरे पर भी उपद्रवियों ने पत्थरबाजी की।
गोगोई का सीधा आरोप: “भाजपा के गुंडों ने रचा षड्यंत्र”
घटना के तुरंत बाद असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने सोशल मीडिया पर इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी पर सीधा निशाना साधा। गोगोई ने आरोप लगाया कि:
“भाजपा समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने हमारे और भूपेश बघेल जी के वाहनों को योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाया। हमने पुलिस प्रशासन को पहले ही भीड़ के जुटने और सुरक्षा जोखिम की सूचना दे दी थी, लेकिन उचित कदम नहीं उठाए गए।”
कांग्रेस पार्टी की ओर से इस पूरे घटनाक्रम और जानलेवा हमले को लेकर स्थानीय थाने में एक औपचारिक एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई है। वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दावा किया है कि पथराव में पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को गंभीर चोटें आई हैं।
भारी सुरक्षा घेरे में सुरक्षित निकाले गए नेता
हालात बिगड़ते देख अतिरिक्त पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों ने मोर्चा संभाला। सुरक्षाबलों ने हल्का बल प्रयोग कर उपद्रवियों को खदेड़ा और भारी सुरक्षा घेरे के बीच भूपेश बघेल, गौरव गोगोई, रकीबुल हुसैन और सिबामोनी बोरा को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
प्रशासन का कहना है कि घटना की निष्पक्ष जांच शुरू कर दी गई है। पथराव की शुरुआत किस ओर से हुई और इसके पीछे मुख्य उपद्रवी कौन थे, इसका खुलासा सीसीटीवी फुटेज और वीडियो साक्ष्यों की जांच के बाद किया जाएगा।
6 अक्टूबर को मतदान: त्रिकोणीय मुकाबले में गरमाया माहौल
नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव बेहद दिलचस्प और संवेदनशील मोड़ पर पहुंच चुका है। इस सीट पर 6 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा तथा परिणामों की घोषणा 9 अक्टूबर 2026 को मतगणना के बाद की जाएगी।
यहाँ मुख्य रूप से त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है:
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सिबामोनी बोरा (कांग्रेस)
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देवाशीष शर्मा (भाजपा)
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बदरुद्दीन अजमल (AIUDF)
उपचुनाव के मतदान से ठीक पहले भूपेश बघेल के काफिले पर हुए इस हमले ने नगांव के सियासी पारे को उबाल पर ला दिया है। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन दोषियों पर क्या कार्रवाई करता है।







