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सड़कें बनीं तालाब, सत्ता पाते ही भाजपा नेताओं की आंखों पर बंधी पट्टी: भाकपा

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बालको की बदहाली पर बरसे कॉमरेड पवन वर्मा; उग्र आंदोलन की चेतावनी, ‘नो एंट्री’ और जर्जर पुलिया निर्माण की उठी मांग

कोरबा 5 जुलाई । बालको नगर क्षेत्र की बुनियादी और ज्वलंत समस्याओं को लेकर शासन-प्रशासन के उदासीन और अड़ियल रवैये के खिलाफ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने अब आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। भाकपा के जिला सचिव कॉमरेड पवन कुमार वर्मा ने एक तीखी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सरकार और स्थानीय प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि बालको की जनता नरकीय जीवन जीने को मजबूर है, लेकिन प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है।

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विपक्ष में भ्रष्टाचार का शोर, सत्ता मिलते ही मुंह पर ताला!

सत्ताधारी दल भाजपा के दोहरे चरित्र पर सीधा और तीखा प्रहार करते हुए कॉमरेड वर्मा ने कहा:

“दो साल पहले जब भाजपा विपक्ष में बैठी थी, तब उसके नेता परसाभाटा रोड की बजरी बटोर-बटोर कर नगर निगम पर भ्रष्टाचार के बड़े-बड़े आरोप लगाते थे। आज नगर निगम में उसी भाजपा की सरकार है, और वही परसाभाठा रोड आज डबरी (तालाब) में तब्दील हो चुकी है। सत्ता की मलाई मिलते ही भाजपा नेताओं की आंखों पर पट्टी बंध गई है और उन्हें जनता का दर्द दिखना बंद हो गया है।”

भाकपा नेता ने आक्रोश जताते हुए कहा कि पार्टी ने जनता की समस्याओं को लेकर समय-समय पर धरना-प्रदर्शन किए और जिलाधीश को ज्ञापन सौंपे, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह इस सरकार की घोर संवेदनहीनता और निरंकुशता का जीता-जागता सबूत है।

भाकपा की प्रशासन को दोटूक: इन 3 मांगों पर तुरंत हो एक्शन

कम्युनिस्ट पार्टी ने क्षेत्र की बदहाली को दूर करने के लिए प्रशासन के सामने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैं और चेतावनी दी है कि यदि इन्हें जल्द पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन उग्र होगा:

  • 1. जर्जर पुलिया और ‘खूनी’ सड़कों का तुरंत हो निर्माण:

    ढेंगुरनाला रिंग रोड, बालको से लेकर रूमगड़ा ध्यानचंद चौक तक स्थित तीनों पुलिया पूरी तरह जर्जर होकर कभी भी बड़े हादसे को दावत दे सकती हैं। पूरी सड़क गड्डों में तब्दील हो चुकी है। इन तीनों पुलिया और सड़क का गुणवत्तापूर्ण निर्माण युद्ध स्तर पर शुरू किया जाए।

  • 2. श्रमिक शिफ्ट के दौरान भारी वाहनों पर लगे ‘नो एंट्री’:

    बालको बजरंग चौक और परसाभाटा से रिद्धि चौक तक भारी वाहनों के अनियंत्रित दबाव ने इस मार्ग को ‘डेथ जोन’ बना दिया है। रात के वक्त उड़ने वाली धूल के गुबार से विजिबिलिटी शून्य हो जाती है। भारत एल्युमिनियम कंपनी (BALCO) के हजारों श्रमिकों की जान की सुरक्षा के लिए ‘अ’, ‘ब’ और ‘स’ पाली (शिफ्ट) शुरू होने और खत्म होने के 30 मिनट पहले व बाद तक भारी वाहनों की एंट्री पूरी तरह बैन की जाए।

  • 3. परसाभाटा साप्ताहिक बाजार का हो जीर्णोद्धार:

    परसाभाटा के ऐतिहासिक साप्ताहिक बाजार की गुमटियों की छतें और पीसीओ (PCC) रोड पूरी तरह टूट चुके हैं। यहाँ व्यापारी और आम जनता हर पल खतरे के साए में व्यापार और खरीदारी करने को मजबूर हैं। इसका तत्काल रेनोवेशन कराया जाए।

कॉमरेड पवन कुमार वर्मा ने प्रशासन को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा है कि बालको नगर की इन जायज मांगों पर अगर समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो जनता को साथ लेकर भाकपा उग्र जन-आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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