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कोरबा: सर्राफा व्यवसायी गोपाल राय सोनी हत्याकांड में तीनों आरोपियों को उम्रकैद, 19 मिनट के खूनी खेल का अदालत ने किया फैसला

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कोरबा 4 जुलाई । छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले को झकझोर देने वाले प्रसिद्ध सर्राफा व्यवसायी (सिल्वर सेंटर के संचालक) गोपाल राय सोनी हत्याकांड में अदालत का बड़ा फैसला आया है। प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गरिमा शर्मा की अदालत ने मामले के तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक टीकम साव ने मजबूत पैरवी की थी।

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अदालत का दण्डादेश: किस धारा में क्या मिली सजा?

न्यायालय ने कुआँभट्ठा निवासी तीनों अभियुक्तों—आकाश पुरी, सूरज पुरी और मोहन मिंज को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया:

  • धारा 103(1) सहपठित 3(5) BNS (हत्या): आजीवन कारावास और 500 रुपये अर्थदंड।

  • धारा 309(4) सहपठित 3(5) BNS (डकैती/लूट का प्रयास): 7 वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रुपये अर्थदंड।

  • धारा 61(2)(क) BNS (आपराधिक साजिश): 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रुपये अर्थदंड।

  • धारा 238(क) BNS (साक्ष्य छुपाना): 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रुपये अर्थदंड।

  • धारा 333 सहपठित 3(5) BNS: 3 वर्ष का सश्रम कारावास।

नोट: अर्थदंड की राशि न पटाने पर आरोपियों को 4 से 6 महीने की अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी।

महज़ 19 मिनट में वारदात को दिया था अंजाम

यह सनसनीखेज घटना 5 जनवरी 2025 की रात कोतवाली थाना अंतर्गत लालूराम कॉलोनी में हुई थी।

  • शाम 7:36 बजे: आरोपी दीवार फांदकर घर के अंदर घुसे।

  • रात 9:40 से 9:59 बजे: महज़ 19 मिनट के भीतर आरोपियों ने गोपाल राय सोनी की बेरहमी से हत्या की।

  • रात 10:59 बजे: आरोपी मृतक की ही क्रेटा कार (JH 01 CC 4455), सूटकेस और मोबाइल लेकर फरार हो गए।

तत्कालीन आईजी डॉ. संजीव शुक्ला और एसपी सिद्धार्थ तिवारी के मार्गदर्शन में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों (आकाश और मोहन) को तुरंत दबोचा, जबकि मुख्य आरोपी सूरज गोस्वामी को मुंबई से गिरफ्तार किया गया।

खून की बूंदों और 360 CCTV कैमरों से खुला राज

पुलिस के लिए यह अंधी कत्ल की गुत्थी सुलझाना एक बड़ी चुनौती थी। जांच के दौरान पुलिस ने:

  • रिस्दा बस्ती से लावारिस हालत में मिली क्रेटा कार को बरामद किया।

  • इलाके के 360 CCTV फुटेज खंगाले जिससे आरोपियों का रूट ट्रैक हुआ।

  • गाड़ी की पार्किंग के पास खून की बूंदें मिलीं, जिससे साफ हुआ कि एक आरोपी घायल है। मैनुअल इनपुट के जरिए पुलिस जख्मी मोहन मिंज तक पहुंची और पूरा मामला खुल गया।

कर्ज चुकाने के लिए दुकान की ‘चाबी’ चुराने की थी प्लानिंग

हत्याकांड की मुख्य वजह कर्ज और लालच थी:

  • आरोपी आकाश गोस्वामी मृतक का वर्तमान ड्राइवर था और उसका भाई सूरज पूर्व ड्राइवर था। आकाश पर भारी कर्ज था।

  • सूरज जानता था कि गोपाल राय सोनी दुकान की चाबियां हमेशा अपने सूटकेस में रखते हैं।

  • योजना दुकान में चोरी करने की थी, न कि हत्या की। इसके लिए उन्होंने शातिर बदमाश मोहन मिंज को साथ मिलाया। 25 दिसंबर को ही इसकी रेकी की गई थी।

मंदिर में देख लेने पर कर दी हत्या

घटना की रात जब गोपाल राय सोनी का बेटा नचिकेता दुकान चला गया, तब तीनों आरोपी दीवार फांदकर घर में घुसे। गोपाल राय अपनी बीमार पत्नी के कमरे में थे। इस बीच आरोपी अलग-अलग जगहों पर छिप गए।

मुख्य आरोपी सूरज परिसर में बने मंदिर के पास छिपा था, जहां माथा टेकने पहुंचे गोपाल राय सोनी ने उसे देख लिया और पहचान लिया। पहचान उजागर होने के डर से सूरज और उसके साथियों ने धारदार हथियार से गोपाल राय पर हमला कर दिया। हमले के दौरान खुद आरोपी मोहन का हाथ भी कट गया। हत्या के बाद आरोपी चाबी वाला सूटकेस लेकर भागे, जिसे बाद में उन्होंने नदी में फेंक दिया। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से नदी से सूटकेस और हथियार बरामद किए थे।

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