छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी का ऐतिहासिक विस्तार: 2014 के मुकाबले रेल बजट बढ़कर हुआ ₹7,470 करोड़।
रायपुर, 17 जून 2026 छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भारतीय रेल द्वारा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत ₹755 करोड़ की लागत वाली चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दिए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति प्रदेशवासियों की ओर से आभार जताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से छत्तीसगढ़ में इंफ्रास्ट्रक्चर और रेल कनेक्टिविटी का अभूतपूर्व विस्तार हो रहा है, जो ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प को साकार करेगा।
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ऊर्जा सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स होगा मजबूत
मुख्यमंत्री श्री साय ने कोरबा को देश की ‘ऊर्जा राजधानी’ बताते हुए कहा कि यह खंड एसईसीएल (SECL) और एमसीएल (MCL) की कोयला खदानों को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली अहम कड़ी है। इस तीसरी रेल लाइन के बनने से कोयला परिवहन की क्षमता में बड़ा इजाफा होगा, जिससे देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों के लिए लॉजिस्टिक आधार मजबूत होगा। इसके साथ ही उद्योगों को गति मिलेगी, निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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यात्री सुविधाओं में होगा बड़ा सुधार
परियोजना के पूरा होने से रेल परिचालन अधिक सुगम और प्रभावी होगा। अतिरिक्त लाइन मिलने से ट्रेनों की लेटलतीफी और परिचालन संबंधी बाधाएं दूर होंगी, जिससे भविष्य में नई यात्री ट्रेनें चलाने का रास्ता साफ होगा। आम नागरिकों को इससे सुरक्षित और आधुनिक रेल सेवा मिलेगी।
छत्तीसगढ़ के रेल बजट में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने आंकड़ों के जरिए मोदी सरकार के विशेष फोकस को रेखांकित करते हुए बताया:
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बजट में भारी वृद्धि: वर्ष 2014 तक छत्तीसगढ़ को रेल परियोजनाओं के लिए जहां मात्र ₹300 करोड़ का बजट मिलता था, वहीं वर्ष 2026-27 में यह रिकॉर्ड बढ़कर ₹7,470 करोड़ हो गया है।
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नेटवर्क का दो गुना विस्तार: वर्ष 1853 से 2014 तक (161 वर्षों में) छत्तीसगढ़ में लगभग 1100 रूट किमी रेल लाइन बिछाई गई थी, जबकि पिछले कुछ वर्षों के विकास कार्यों से अब यह नेटवर्क 2200 रूट किलोमीटर से अधिक होने जा रहा है। वर्तमान में राज्य में ₹51,000 करोड़ से अधिक की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
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अमृत भारत स्टेशन: प्रदेश के 32 रेलवे स्टेशनों को ₹1,680 करोड़ की लागत से आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जा रहा है।
जशपुरांचल के लिए ‘विशेष रेल परियोजना’ मील का पत्थर
मुख्यमंत्री ने हाल ही में धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना को ‘विशेष रेल परियोजना’ के रूप में अधिसूचित करने के लिए केंद्र सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा कि लंबे समय से रेल कनेक्टिविटी का इंतजार कर रहे जशपुर और उत्तर छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों के लिए यह ऐतिहासिक निर्णय है, जो इस आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ेगा।








