विकासनगर (देहरादून) 14 जून : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का पछवादून क्षेत्र उस समय दहल उठा जब विकासनगर के बैरागीवाला गांव में मामूली विवाद ने सांप्रदायिक हिंसा का रूप ले लिया। खेत में पानी लगाने जैसी छोटी सी बात पर शुरू हुई कहासुनी में एक युवक की जान चली गई, जिसके बाद पूरे इलाके में तनाव व्याप्त है। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं।
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खेत की मेड़ से ‘खून’ की होली तक: क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, विवाद की जड़ बैरागीवाला गांव के एक खेत में पानी लगाने को लेकर थी। दो समुदायों के बीच शुरू हुई जुबानी जंग देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। हमलावरों ने लाठी-डंडों से लैस होकर हमला बोल दिया।
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मृतक की पहचान: इस हमले में विनोद नामक हिंदू युवक की मौत हो गई।
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घायल: हमले में एक महिला समेत तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका उपचार अस्पताल में चल रहा है।
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CCTV फुटेज: घटना का एक भयावह सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें हमलावर हाथों में डंडे लेकर गलियों में तांडव मचाते नजर आ रहे हैं।
जनता का आक्रोश और नेशनल हाईवे जाम
विनोद की मौत की खबर जैसे ही फैली, आसपास के क्षेत्रों से हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण बैरागीवाला में जुटने लगे। प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया, जिससे कई घंटों तक यातायात बाधित रहा। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि यह एक सोची-समझी ‘मॉब लिंचिंग’ है और देवभूमि के शांत माहौल को बिगाड़ने की साजिश है।
बुलडोजर एक्शन और प्रशासन की सख्ती
आक्रोशित भीड़ ने आरोपियों के एनकाउंटर और उनके अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई की मांग की। जनाक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाना शुरू कर दिया है।
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सुरक्षा व्यवस्था: पूरे विकासनगर क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
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इंटरनेट पर रोक: अफवाहों को रोकने के लिए प्रशासन ने एहतियातन पूरे इलाके में इंटरनेट सेवाएं ठप कर दी हैं।
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पुलिस कार्रवाई: एसपी देहात पंकज गैरोला के नेतृत्व में पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
सियासी हलचल और अपील
स्थानीय विधायक मुन्ना चौहान ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय का भरोसा दिलाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून को हाथ में न लेने की अपील की है।
वर्तमान में गांव में भारी तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और भारी पुलिस बल तैनात है।








