मुंबई, 8 जून। राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की मुंबई जोनल यूनिट ने छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक बेहद शातिराना अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी गिरोह का पर्भाफाश किया है। DRI ने शनिवार को ‘ऑपरेशन गोल्डन नेक्सस’ नाम से एक गुप्त अभियान चलाकर करीब 5 करोड़ रुपये मूल्य का विदेशी मूल का 24 कैरेट सोने का पाउडर ज़ब्त किया है। इस मामले में हवाई अड्डे के तीन कर्मचारियों और बांग्लादेशी व श्रीलंकाई नागरिकों सहित कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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कैसे हुआ ‘ऑपरेशन गोल्डन नेक्सस’ का सफल संचालन?
वरिष्ठ अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, DRI को मुंबई एयरपोर्ट के रास्ते बड़े पैमाने पर सोने की तस्करी होने की पुख्ता और विशिष्ट खुफिया जानकारी मिली थी। इस इनपुट के आधार पर अधिकारियों ने शनिवार को एयरपोर्ट पर जाल बिछाया।
निगरानी के दौरान तीन विदेशी यात्रियों—जिनमें एक बांग्लादेशी और दो श्रीलंकाई नागरिक शामिल हैं—को संदिग्ध पाया गया। जब उनसे कड़ाई से पूछताछ की गई, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। इन यात्रियों ने भारी मात्रा में सोने का पाउडर कैप्सूल के रूप में अपने शरीर के भीतर (मलाशय में) छुपाकर भारत में तस्करी की थी।
एयरपोर्ट के भीतर से ही मिल रही थी मदद
जांच में यह भी सामने आया है कि इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह की जड़ें एयरपोर्ट के भीतर तक फैली हुई थीं। DRI ने हवाई अड्डे पर तैनात एक निजी एजेंसी के तीन कर्मचारियों को भी रंगे हाथों दबोचा। पकड़े गए कर्मचारियों में:
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दो बस कोच चालक
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एक कोच मॉनिटर शामिल है।
ये कर्मचारी सीमा शुल्क (कस्टम) की नज़रों से बचकर यात्रियों से सोना कलेक्ट करते थे और उसे सुरक्षित रूप से एयरपोर्ट के बाहर निकालने में मदद कर रहे थे।
स्थानीय खरीदार भी सलाखों के पीछे
DRI ने केवल एयरपोर्ट तक ही अपनी कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि उस स्थानीय प्राप्तकर्ता (लोकल रिसीवर) को भी दबोच लिया, जो एयरपोर्ट के बाहर इस सोने की डिलीवरी लेने के लिए इंतजार कर रहा था। इस तरह तस्करी की चेन से जुड़े कुल 7 लोगों को हिरासत में लेने के बाद रविवार को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह गिरोह अब तक कितने करोड़ के सोने की तस्करी कर चुका है और इसमें शामिल अन्य मास्टरमाइंड कौन हैं। मामले की विस्तृत जांच जारी है।








