लखपति के बाद अब ‘करोड़पति दीदी’ बनने का समय; त्वरित कार्रवाई की मिसाल— चंद्रपुर की प्रिया सिंह को शिविर में ही मिला राशन कार्ड
रायपुर, 22 मई 2026 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में चलाया जा रहा ‘सुशासन तिहार’ अभियान ग्रामीण इलाकों में विकास और त्वरित न्याय की नई इबारत लिख रहा है। कल 21 मई को ग्राम रामपुर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान एक बेहद आत्मीय और खुशनुमा माहौल देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री ने सीधे जनता के बीच बैठकर विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने महिलाओं, किसानों और ग्रामीण परिवारों से योजनाओं के लाभ, उनकी आय में हुई वृद्धि और जीवनस्तर में आए सुधारों की जमीनी हकीकत जानी।
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मुख्यमंत्री की सहज टिप्पणी से गूंजा शिविर स्थल
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘साधना महिला स्व-सहायता समूह’ की सदस्य श्रीमती जागेश्वरी प्रजापति से उनके व्यवसाय के बारे में पूछा। जागेश्वरी ने बड़े गर्व से बताया कि उनका समूह आलू चिप्स बनाने का काम करता है और अब तक इसकी बिक्री से लगभग ₹1 लाख 85 हजार की शानदार आय अर्जित कर चुका है।
यह सुनते ही मुख्यमंत्री ने बेहद सहज और ठेठ छत्तीसगढ़ी आत्मीयता के साथ मुस्कुराते हुए कहा— “आलू चिप्स का नाम सुनकर ही मुंह में पानी आ रहा है।” मुख्यमंत्री के इस हल्के-फुल्के और अपनेपन से भरे अंदाज को सुनकर पूरा शिविर स्थल ठहाकों और हर्षध्वनि से गूंज उठा।
8 लाख महिलाएं बनीं लखपति, अब सरकार का लक्ष्य 10 लाख
मुख्यमंत्री ने समूह की महिलाओं की उद्यमशीलता की जमकर सराहना की और उन्हें बेहतर पैकेजिंग व नए बाजारों से जुड़ने के टिप्स दिए। इसी दौरान “लखपति दीदी योजना” पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने एक बड़ा आंकड़ा साझा किया:
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अब तक की सफलता: छत्तीसगढ़ में 8 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
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आगामी लक्ष्य: सरकार का लक्ष्य जल्द ही इस आंकड़े को 10 लाख पार पहुंचाने का है।
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नया दृष्टिकोण: मुख्यमंत्री ने महिलाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि अब समय केवल लखपति बनने का नहीं, बल्कि मेहनत के दम पर आगे बढ़कर “करोड़पति दीदी” बनने का है।
“आर्थिक रूप से सशक्त महिलाएं ही परिवार, समाज और हमारे पूरे राज्य के विकास की सबसे मजबूत आधारशिला हैं।”
— श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री
हाथों-हाथ मिला राशन कार्ड; सुशासन की दिखी असली तस्वीर
सुशासन तिहार की वास्तविक सार्थकता उस वक्त देखने को मिली जब ग्राम चंद्रपुर की निवासी श्रीमती प्रिया सिंह ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। प्रिया ने बताया कि उन्होंने शिविर में राशन कार्ड के लिए आवेदन दिया था और प्रशासन की तत्परता देखिए कि उसी दिन (On the Spot) उनका आवेदन स्वीकृत कर उन्हें नया राशन कार्ड सौंप दिया गया।
मुख्यमंत्री ने इसे संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए अधिकारियों की पीठ थपथपाई और कहा कि सुशासन तिहार का मूल उद्देश्य ही यही है कि जनता को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, बल्कि सरकार खुद उनके द्वार पहुंचे।
पीएम आवास और किसान सम्मान निधि से बदल रही जिंदगी
शिविर में मुख्यमंत्री ने अन्य हितग्राहियों से भी मुलाकात की:
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पक्की छत का सपना: प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही श्री प्राण साय प्रजापति ने बताया कि इस योजना से उनका पक्के मकान का सपना पूरा हुआ है।
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खेती में नवाचार: पीएम किसान सम्मान निधि के एक लाभार्थी ने बताया कि वे मिली राशि से सब्जी उत्पादन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी तारीफ करते हुए उन्हें प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत ‘सोलर पंप’ लगाने के लिए प्रेरित किया ताकि सिंचाई की लागत कम हो सके।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अंत में कहा कि योजनाओं का वास्तविक प्रभाव तभी दिखाई देता है जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने समृद्ध और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सभी ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।








