रायपुर | 19 मई मई। छत्तीसगढ़ के सियासी गलियारों में इस वक्त एक ही सवाल तैर रहा है—किसकी कुर्सी बचेगी और किसका पत्ता कटेगा? मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को सत्ता संभाले करीब ढाई साल का वक्त होने जा रहा है। // आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज// इस अहम माइलस्टोन पर पहुंचते ही अब साय मंत्रिमंडल में एक ऐसी ‘महा-सर्जरी’ की तैयारी चल रही है, जिसने कई मंत्रियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। चर्चा बेहद गर्म है कि मई के इसी अंतिम सप्ताह में कैबिनेट का हुलिया पूरी तरह बदलने वाला है।

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इनसाइड स्टोरी
सूत्रों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, इस महा-बदलाव के पीछे कोई सामान्य प्रक्रिया नहीं, बल्कि संगठन स्तर पर पनपा भारी असंतोष है।
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कामकाज से नाखुश दिग्गज: खबर है कि संगठन के पास पिछले कुछ समय से कुछ मंत्रियों की कार्यशैली को लेकर लगातार शिकायतें पहुंच रही थीं।
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वरिष्ठ विधायकों की नाराजगी: पार्टी के कई वरिष्ठ और कद्दावर विधायक, जो मंत्री पद की दौड़ में शामिल थे, वे वर्तमान के कुछ मंत्रियों के कामकाज के तरीके और जनता से उनके जुड़ाव को लेकर गंभीर रूप से नाखुश चल रहे हैं।
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प्रदेश कोर ग्रुप में बदलाव का असर: हाल ही में छत्तीसगढ़ भाजपा कोर ग्रुप में हुए बड़े बदलावों ने इस बात पर मुहर लगा दी थी कि संगठन अब किसी भी मोर्चे पर ढिलाई के मूड में नहीं है।
‘ढाई साल’ का अचूक फॉर्मूला: नए चेहरों को मौका
पार्टी आलाकमान इस वक्त छत्तीसगढ़ में ‘मिशन 50-50’ के फॉर्मूले पर विचार कर रहा है। सरकार के ढाई साल पूरे हो चुके हैं, ऐसे में अगर इस वक्त खराब परफॉर्मेंस वाले 4 मंत्रियों की छुट्टी कर नए और ऊर्जावान चेहरों को एंट्री दी जाती है, तो उन्हें भी आगामी चुनावों से पहले अपनी प्रशासनिक क्षमता साबित करने और जनता के बीच पैठ बनाने के लिए पूरे ढाई साल का मौका मिल जाएगा। //आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज// इससे एंटी-इन्कंबेंसी (सत्ता विरोधी लहर) को काटने में भी बड़ी मदद मिलेगी।
पीएम मोदी की वापसी और नितिन नबीन की टीम का इंतजार
इस पूरी ‘महा-सर्जरी’ का खाका दिल्ली से लेकर रायपुर तक खींचा जा चुका है। बस इंतजार है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे से लौटने का। प्रधानमंत्री 20 मई को स्वदेश लौट रहे हैं, इसके तुरंत बाद भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन अपनी नई टीम का ऐलान करेंगे। कयास तो यह भी हैं कि साय कैबिनेट के ही किसी मौजूदा मंत्री को सरकार से हटाकर नितिन नबीन की इस संगठनात्मक टीम में कोई बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
अब देखना बेहद दिलचस्प होगा कि जब दिल्ली से फाइनल लिस्ट जारी होगी, तो साय सरकार के कुनबे में ‘कौन अंदर रहता है और किसकी छुट्टी होती है।’ इस फेरबदल के बाद कई मंत्रियों के विभाग भी पूरी तरह बदले जाने तय माने जा रहे हैं।







