अब हफ्ते में दो दिन बाइक से करेंगे सफर
कोरबा, 12 मई: नगर पालिक निगम कोरबा के सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा संरक्षण और राष्ट्र निर्माण के आह्वान से प्रेरित होकर एक अनुकरणीय पहल की है। उन्होंने देशसेवा में अपने छोटे से योगदान के रूप में सप्ताह में दो दिन सरकारी इनोवा कार का त्याग कर अपनी निजी मोटरसाइकिल से सफर करने का निर्णय लिया है। सभापति ने कोरबा की जनता से भी इस अभियान का हिस्सा बनकर पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील की है।
प्रधानमंत्री के विजन से मिली प्रेरणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार देशवासियों से ईंधन बचाने, पर्यावरण को सुरक्षित रखने और देश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की अपील करते रहे हैं। पीएम के इसी दूरदर्शी संदेश से प्रभावित होकर सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने वीआईपी संस्कृति से ऊपर उठकर एक सजग नागरिक और जनप्रतिनिधि का उदाहरण पेश किया है।
वीआईपी संस्कृति छोड़ सादगी की राह
आमतौर पर सरकारी वाहनों को प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है, लेकिन नूतन सिंह ठाकुर ने इस परिपाटी को बदला है। उन्होंने आधिकारिक घोषणा की है कि वे अब से सप्ताह के दो दिन शासकीय इनोवा कार का उपयोग पूरी तरह बंद रखेंगे। इन दो दिनों के दौरान वे अपने सभी विभागीय कार्यों, बैठकों और जनसंपर्क के लिए केवल अपनी व्यक्तिगत मोटरसाइकिल का इस्तेमाल करेंगे।
राष्ट्रहित में छोटा सा समर्पण
अपनी इस अनूठी पहल पर बात करते हुए सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने कहा:
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का हमेशा यह प्रयास रहता है कि देश का हर नागरिक राष्ट्रहित में अपना योगदान दे। मेरा यह निर्णय देशसेवा में एक छोटा सा समर्पण है। ईंधन की बचत केवल व्यक्तिगत बचत नहीं है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ पर्यावरण देने की दिशा में एक कदम है।”
जनता से ईंधन बचाने की अपील
सभापति ने कोरबा के नागरिकों, युवाओं और सामाजिक संगठनों से इस मुहिम को जन-आंदोलन बनाने का आग्रह किया है। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान आकर्षित किया:
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व्यक्तिगत वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन या साइकिल को प्राथमिकता दें।
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पेट्रोल-डीजल का कम से कम उपयोग कर देश की आत्मनिर्भरता को बल दें।
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ट्रैफिक सिग्नलों पर वाहनों का इंजन बंद कर ईंधन की बर्बादी रोकें।
शहर में पहल की सराहना
सभापति नूतन सिंह ठाकुर की इस सादगी और दूरदर्शी सोच की पूरे कोरबा जिले में प्रशंसा हो रही है। लोग इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा और प्रभावी कदम मान रहे हैं।
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