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पीएम मोदी की ‘सोना न खरीदें’ अपील का छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन ने किया समर्थन, बताया राष्ट्रहित में बड़ा कदम

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रायपुर/बिलासपुर | 11 मई

छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल सोनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जनता से एक वर्ष तक सोना न खरीदने की अपील का जोरदार समर्थन किया है। उन्होंने सराफा व्यापारियों से अपील की है कि वे इस निर्णय से घबराएं नहीं, क्योंकि यह कदम लंबी अवधि में देश की अर्थव्यवस्था और सराफा कारोबार, दोनों को नई मजबूती प्रदान करेगा।

प्रमुख बिंदु: व्यापार और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

  • बाजार की अस्थिरता से राहत: कमल सोनी के अनुसार, वैश्विक युद्ध और आर्थिक अस्थिरता के कारण सोने के दाम अप्रत्याशित रूप से बढ़े हैं। इससे व्यापार केवल ‘बुलियन’ (सोने की ईंट/सिक्के) तक सिमट गया था, जिससे छोटे व्यापारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा था। प्रधानमंत्री की यह अपील बाजार में स्थिरता लाने में सहायक होगी।

  • रुपये की मजबूती: सोने के आयात में कमी आने से देश का विदेशी मुद्रा भंडार सुरक्षित रहेगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय रुपये की स्थिति मजबूत होगी।

  • निवेश का नया नजरिया: घरों में रखे सोने को “डेड कैपिटल” (निष्क्रिय पूंजी) बताते हुए उन्होंने कहा कि यदि यह पैसा बैंकों और उद्योगों में लगेगा, तो इससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।

स्थानीय व्यापार और कारीगरों का संरक्षण

सोनी ने उपभोक्ताओं को बड़े कॉर्पोरेट ब्रांड्स की आक्रामक मार्केटिंग से बचने की सलाह दी। उन्होंने तर्क दिया कि बड़े ब्रांड्स के कारण पूंजी देश से बाहर चली जाती है, जबकि स्थानीय सराफा व्यापार और पारंपरिक कारीगरों को नुकसान होता है।

स्वर्ण शिल्प कला बोर्ड के गठन की मांग

इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में ‘स्वर्ण शिल्प कला बोर्ड’ के तत्काल गठन की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि:

  • यह बोर्ड पारंपरिक स्वर्ण शिल्प कला और विरासत का संरक्षण करेगा।

  • कारीगरों को सरकारी योजनाओं, रियायती ऋण, बीमा और आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सकेगा।

  • यह कदम “मेक इन इंडिया” के सपने को सच करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

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