चेन्नई 12 मई: तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर ‘सनातन धर्म’ को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के बेटे और वर्तमान विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने सदन के भीतर सनातन धर्म को लेकर अपना पुराना कड़ा रुख दोहराया है। मुख्यमंत्री जोसेफ की मौजूदगी में बोलते हुए उदयनिधि ने सनातन धर्म को समाज में विभाजन का कारण बताते हुए इसे ‘खत्म’ करने की वकालत की।
“विभाजनकारी विचारधारा को खत्म करना जरूरी”
विधानसभा में चर्चा के दौरान डीएमके (DMK) विधायक उदयनिधि स्टालिन ने स्पष्ट शब्दों में कहा:
“सनातन, जिसने लोगों को बांटा, उसे खत्म कर देना चाहिए। भले ही हम सत्ता पक्ष और विपक्ष के रूप में अलग-अलग बैठते हों, लेकिन हमारा साझा लक्ष्य तमिलनाडु का विकास होना चाहिए। हालांकि, वैचारिक मोर्चे पर मेरा रुख स्पष्ट है।”
उदयनिधि ने सदन में राजनीतिक शिष्टाचार बनाए रखने की बात तो की, लेकिन विचारधारा के स्तर पर कोई समझौता न करने के संकेत दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री जोसेफ से अपील की कि वे विपक्ष के सुझावों पर भी ध्यान दें, क्योंकि दोनों ने एक ही कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की है।
राज्य गीत बनाम वंदे मातरम: बंगाल का दिया हवाला
सनातन के साथ-साथ उदयनिधि ने ‘तमिल थाई वल्थु’ (राज्य गीत) को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आपत्ति जताई कि सदन में वंदे मातरम के बाद राज्य गीत बजाया गया, जिसे वे राज्य के सम्मान के साथ समझौता मानते हैं।
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तर्क: उदयनिधि ने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण में वंदे मातरम नहीं बजाया गया था।
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चेतावनी: उन्होंने सरकार को आगाह किया कि तमिलनाडु के राज्य गीत को कभी भी दूसरे स्थान पर नहीं धकेला जाना चाहिए और भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।
विवादों से पुराना नाता
यह पहली बार नहीं है जब उदयनिधि ने सनातन धर्म पर निशाना साधा है। मंत्री रहते हुए सितंबर 2023 में उन्होंने सनातन की तुलना ‘डेंगू, मलेरिया और कोरोना’ जैसी बीमारियों से की थी। उस समय उनके इस बयान पर देशव्यापी राजनीतिक बवाल मचा था और कई राज्यों में उनके खिलाफ कानूनी मामले भी दर्ज किए गए थे।
अब विपक्ष के नेता के रूप में उन्होंने फिर से वही राग अलाप कर स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने रुख पर कायम हैं।
मुख्य बिंदु
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सनातन पर प्रहार: उदयनिधि ने इसे मानवता और समानता के खिलाफ बताया।
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भाषाई अस्मिता: तमिलनाडु राज्य गीत को प्राथमिकता देने की मांग।
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सहयोग की अपील: विपक्ष और सत्ता पक्ष को मिलकर काम करने का सुझाव।
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