Crime News 12 May : उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने ‘ममता’ और ‘परिवार’ जैसे पवित्र शब्दों पर सवालिया निशान लगा दिया है। डिडौली कोतवाली क्षेत्र के नसीरपुर गांव में एक परिवार ने अपने ही घर के चिराग को बुझाने के लिए बदमाशों को सुपारी दे डाली। पुलिस की तफ्तीश में जो खुलासा हुआ, उसने न केवल पुलिस टीम बल्कि पूरे इलाके को सुन्न कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार बीती 9 मई को श्यामपुर इलाके में एक सूखी नहर के किनारे दुष्यंत (पुत्र पीतम सिंह) का खून से लथपथ शव बरामद हुआ था। शुरुआती जांच में इसे आपसी रंजिश या दुर्घटना माना जा रहा था, लेकिन जब कड़ियाँ जुड़ीं तो शक की सुई घर के सदस्यों पर ही टिक गई।
नशे की लत और ‘गंदी नजर’ बनी मौत की वजह
पुलिस पूछताछ में परिवार का दर्द और गुस्सा दोनों सामने आए। पुलिस के मुताबिक मृतक दुष्यंत नशे का आदी था और आए दिन घर में मारपीट और हंगामा करता था। बात यहीं खत्म नहीं होती थी; आरोप है कि वह अपने ही भाई की पत्नी (भाभी) पर भी बुरी नजर रखता था। रोज-रोज के इन झगड़ों और बदनामी के डर से तंग आकर माता-पिता और भाई ने उसे रास्ते से हटाने का खौफनाक फैसला ले लिया।
मां ने ममता का गला घोंटा, जेवर गिरवी रखकर जुटाए पैसे
इस हत्याकांड का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि जिस मां ने बेटे को जन्म दिया, उसी ने उसकी मौत की कीमत चुकाई।
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सुपारी की रकम: हत्या के लिए बदमाश जोगेंद्र उर्फ ‘जोली’ को 5 लाख रुपये में सुपारी दी गई।
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एडवांस पेमेंट: मां (माया) ने अपने सोने के जेवर गिरवी रखकर 55 हजार रुपये जुटाए और शूटर को एडवांस के तौर पर दिए।
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साजिश: योजना के मुताबिक, शूटर ने दुष्यंत की हत्या कर शव को नहर के पास फेंक दिया ताकि यह एक सामान्य अपराध लगे।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामले का पर्दाफाश कर दिया है:
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पिता (पीतम सिंह) और भाई (संकित) को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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मां (माया) और सुपारी लेने वाला बदमाश (जोगेंद्र) अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
इस घटना ने एक बार फिर यह कड़वा सच सामने रखा है कि जब घरेलू कलह और नशा अपनी सीमाएं पार कर जाते हैं, तो रिश्ते किस कदर खूनी हो सकते हैं।








