रायपुर, छत्तीसगढ़ 8 मई 2026
कहते हैं कि एक संवेदनशील नेतृत्व की नजरें हमेशा जनता की तकलीफों पर टिकी होती हैं। आज राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री निवास से एक ऐसी ही सुखद और सकारात्मक खबर आई, जिसने शासन के प्रति जनता के भरोसे को और मजबूत कर दिया है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज।
खबर पढ़ते ही सीधे कलेक्टर को फोन
सुबह जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दैनिक समाचार पत्रों का अवलोकन कर रहे थे, तब उनकी नजर सरगुजा के मैनपाट स्थित चेराजोबला बस्ती की एक खबर पर पड़ी। खबर का शीर्षक था— “नाला और ढोढ़ी के दूषित जल पर आज भी निर्भर हैं वनवासी”। // आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज//मुख्यमंत्री ने इस समस्या की गंभीरता को समझते हुए बिना किसी देरी के सीधे सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत को फोन लगाया और निर्देश दिया कि “उस बस्ती में पानी की समस्या का समाधान आज से ही शुरू होना चाहिए।”
एक्शन मोड में सरकार: वनांचलों की नहीं होगी अनदेखी
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरगुजा का मैनपाट हो या बस्तर का कोई दूरस्थ गांव, किसी भी वनांचल निवासी को दूषित जल पीने पर मजबूर नहीं होना पड़ेगा। उनके निर्देशों के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
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तत्काल निरीक्षण: प्रशासनिक टीम तुरंत चेराजोबला बस्ती का स्थलीय निरीक्षण करेगी।
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त्वरित समाधान: हैंडपंप खनन और वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था के लिए तुरंत काम शुरू किया जाएगा।
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बुनियादी ढांचे पर जोर: विशेष पिछड़ी जनजातियों (PVTGs) के इलाकों में सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा की नियमित समीक्षा होगी।
“अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे शासन”
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने इस त्वरित एक्शन के माध्यम से एक बड़ा संदेश दिया है कि सरकार केवल योजनाओं के फाइलों तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल योजना बनाना नहीं, बल्कि उसका वास्तविक लाभ जमीन पर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।”
एक सजग पाठक के रूप में मुख्यमंत्री के इस रुख की सोशल मीडिया पर भी जमकर सराहना हो रही है। जब प्रदेश का मुखिया खुद समाचारों के जरिए समस्याओं को खोजकर उनका समाधान करे, तो इसे ही ‘सुशासन’ (Good Governance) कहा जाता है।
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