कोरबा 16 अप्रैल। न्याय का केंद्र माना जाने वाला जिला न्यायालय परिसर गुरुवार को उस वक्त दहल उठा, जब वहां मौजूद लोगों ने एक शख्स को ऊपरी मंजिल से नीचे गिरते देखा। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की पहचान दीपका-कटघोरा शिक्षा विभाग में पदस्थ संदीप अग्रवाल के रूप में हुई है। लहूलुहान हालत में अस्पताल में भर्ती संदीप ने पुलिस पर जो आरोप लगाए हैं, उन्होंने पूरे महकमे में हड़कंप मचा दिया है।
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RTI की जानकारी लेने पहुंचा था कोर्ट
एक सेवानिवृत्त फौजी के बेटे संदीप अग्रवाल का कहना है कि उन्हें कुछ भ्रष्ट अधिकारियों ने साजिश के तहत दो साल पहले एक झूठे पॉक्सो (POCSO) मामले में फंसाया था। गुरुवार को वे अपनी बेगुनाही के सबूत जुटाने के लिए आरटीआई (RTI) के तहत जानकारी हासिल करने कोर्ट पहुंचे थे। संदीप के मुताबिक, वहां मौजूद एक बाबू ने जानकारी देने के बजाय कटघोरा पुलिस को उनके वहां होने की टिप दे दी।
पुलिस पर धक्का देने का आरोप
अस्पताल के बिस्तर से अपनी आपबीती सुनाते हुए संदीप ने बताया कि कटघोरा थाने के दो सिपाही—एक मोटा और एक दुबला—सिविल ड्रेस में वहां पहुंचे। संदीप का आरोप है कि उन सिपाहियों ने उनके साथ बदसलूकी की और यह कहते हुए कि “तूने हमें दो साल से परेशान कर रखा है,” उन्हें छत से नीचे धक्का दे दिया। संदीप ने सवाल किया कि अगर पुलिस वहां उन्हें कानूनन पकड़ने आई थी, तो उनके गिरने के बाद वे उन्हें तड़पता छोड़कर भाग क्यों गए? उन्हें वकीलों ने सहारा देकर अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस का दावा: फरार आरोपी को पकड़ने गए थे
दूसरी तरफ, एएसपी लखन पटले ने मामले में पुलिस का पक्ष रखते हुए कहा कि संदीप अग्रवाल पिछले दो वर्षों से फरार चल रहा था और उस पर छात्राओं से छेड़छाड़ का गंभीर मामला दर्ज है। पुलिस टीम उसे पकड़ने के लिए गई थी। हालांकि, पुलिस अब आरोपी के अस्पताल में होने के कारण उसके बयान और मामले की विवेचना की बात कह रही है।फिलहाल संदीप अग्रवाल पुलिस की निगरानी में अस्पताल में उपचाराधीन हैं,
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