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छत्तीसगढ़ CM का बड़ा कदम: ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के लिए सांसदों-विधायकों को लिखा पत्र

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रायपुर, 14 अप्रैल: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश की महिलाओं को लोकतंत्र की मुख्यधारा में मजबूती से जोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी लोकसभा, राज्यसभा सांसदों और विधायकों को पत्र लिखकर ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के प्रभावी क्रियान्वयन (Implementation) के लिए एकजुट होने का आह्वान किया है।

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16 अप्रैल का दिन होगा ऐतिहासिक

मुख्यमंत्री साय ने अपने संदेश में कहा कि 16 अप्रैल 2026 को संसद में होने वाली चर्चा भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का ‘टर्निंग पॉइंट’ साबित होगी। उन्होंने सांसदों से आग्रह किया कि वर्ष 2029 के चुनावों से पहले इस अधिनियम को पूरी तरह लागू करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं।

खबर के मुख्य बिंदु:

  • विशेष चर्चा: 16 अप्रैल को संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विशेष विमर्श प्रस्तावित है।

  • छत्तीसगढ़ की आवाज: मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से महिला आरक्षण के समर्थन में छत्तीसगढ़ की आवाज दिल्ली तक बुलंद करने की अपील की है।

  • महतारी गौरव वर्ष: यह ऐतिहासिक पहल छत्तीसगढ़ में मनाये जा रहे ‘महतारी गौरव वर्ष’ के दौरान हो रही है।

  • सशक्तीकरण की मिसाल: प्रदेश में ‘महतारी वंदन योजना’ और विधानसभा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पहले ही देश के लिए मिसाल बन चुकी है।

महिला संगठनों से सक्रिय भागीदारी की अपील

मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ प्रदेश के महिला संगठनों को भी पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि महिलाएं इस परिवर्तन की केवल साक्षी न बनें, बल्कि इसके निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में 33 प्रतिशत आरक्षण का अधिकार जल्द प्राप्त होगा।


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