नई दिल्ली | मार्च 31, 2026 : केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के लिए छोटी बचत योजनाओं (Small Savings Schemes) की ब्याज दरों की घोषणा कर दी है। सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना, PPF और NSC जैसी सभी प्रमुख योजनाओं की ब्याज दरों को जस का तस (अपरिवर्तित) रखने का फैसला किया है।
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह लगातार आठवीं तिमाही है जब ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह निर्णय निवेशकों के लिए आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने की सरकार की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
प्रमुख योजनाओं की नई ब्याज दरें (अप्रैल-जून 2026)
नीचे दी गई तालिका में विभिन्न योजनाओं पर मिलने वाली वर्तमान ब्याज दरों का विवरण है:
| स्कीम का नाम | ब्याज दर (%) |
| सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) | 8.2% |
| सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) | 8.2% |
| नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) | 7.7% |
| किसान विकास पत्र (KVP) | 7.5% |
| 5-साल की सावधि जमा (FD) | 7.5% |
| मंथली इनकम स्कीम (MIS) | 7.4% |
| पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) | 7.1% |
| 3-साल की सावधि जमा (FD) | 7.1% |
| 2-साल की सावधि जमा (FD) | 7.0% |
| 1-साल की सावधि जमा (FD) | 6.9% |
| 5-साल की आवर्ती जमा (RD) | 6.7% |
| पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट | 4.0% |
निवेशकों के लिए क्यों खास हैं ये स्कीमें?
छोटी बचत योजनाओं में निवेश करने के कई महत्वपूर्ण फायदे हैं, जो इन्हें आम नागरिक के बीच लोकप्रिय बनाते हैं:
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पूर्ण सुरक्षा: इन योजनाओं पर भारत सरकार की सॉवरेन गारंटी होती है, जिससे पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है।
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बेहतर रिटर्न: बैंक बचत खातों की तुलना में इन योजनाओं में अक्सर अधिक ब्याज मिलता है।
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टैक्स में छूट: PPF और सुकन्या समृद्धि जैसी कई योजनाओं में इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत टैक्स कटौती का लाभ मिलता है।
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आसान पहुंच: ये स्कीमें देश के किसी भी डाकघर और प्रमुख बैंकों में आसानी से उपलब्ध हैं।
कैसे तय होती हैं दरें?
सरकार हर तिमाही में इन दरों की समीक्षा करती है। इनका निर्धारण मुख्य रूप से सरकारी बॉन्ड यील्ड (Government Bond Yields) और बाजार की मौजूदा स्थितियों के आधार पर किया जाता है।
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