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सदन में अमित शाह का रौद्र रूप: “भूपेश बघेल को प्रूफ दूं क्या?”—नक्सलवाद पर छिड़ी ऐसी जंग कि सन्न रह गया विपक्ष!

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नई दिल्ली। लोकसभा में उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सीधी चुनौती दे डाली। शाह ने न केवल सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, बल्कि फाइलों का हवाला देते हुए कुछ ऐसी तारीखों का जिक्र किया जिसने विपक्षी खेमे में खलबली मचा दी। सदन में अमित शाह के कड़े तेवरों ने यह साफ कर दिया कि छत्तीसगढ़ की पिछली सरकार और केंद्र के बीच की कड़वाहट अब ‘सबूतों’ की लड़ाई में बदल चुकी है।

तीन तारीखें और एक बड़ा खुलासा

अमित शाह ने सदन में 20 अगस्त 2019, 24 अगस्त 2024 और 31 मार्च 2026 की डेडलाइन का जिक्र करते हुए पिछली सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 2019 की रणनीतियों को लागू करने में तत्कालीन बघेल सरकार ने रोड़े अटकाए। शाह ने तंज कसते हुए पूछा— “भूपेश बघेल से पूछो, क्या मैं यहां प्रूफ दूं? यहां ‘हां’ बोलो वरना फंस जाओगे।” इस बयान के बाद सदन में जबरदस्त शोर-शराबा शुरू हो गया।

“सरकार बदली तो तस्वीर बदली”

गृह मंत्री ने दावा किया कि 2023 में छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन के बाद ही नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक प्रहार संभव हो पाया है। उन्होंने एलान किया कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया कर दिया जाएगा। शाह के मुताबिक, अब राज्य की मौजूदगी हर गांव तक पहुंच चुकी है और पंचायतों का सफल गठन नक्सलियों की सबसे बड़ी हार है।

विकास बनाम हिंसा: नक्सलियों को दो टूक

नक्सलियों से किसी भी तरह की बातचीत की गुंजाइश को नकारते हुए अमित शाह ने कहा कि जो लोग लोकतंत्र में विश्वास नहीं रखते, उन्हें विकास से ही जवाब दिया जाएगा। उन्होंने नक्सलियों पर बच्चों का अपहरण करने और किसानों के खेतों में बारूद बिछाने का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने उन बुद्धिजीवियों को भी घेरा जो नक्सलियों के समर्थन में लेख लिखते हैं, इसे उन्होंने ‘झूठा मानवतावाद’ करार दिया।

सलवा जुडूम और विपक्ष पर निशाना

भाषण के दौरान शाह ने ‘सलवा जुडूम’ का जिक्र करते हुए कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद जब हथियार वापस लिए गए, तब नक्सलियों ने मासूमों को चुन-चुनकर निशाना बनाया। उन्होंने विपक्ष को आईना दिखाते हुए कहा कि किसी भी दल की विचारधारा जनता और आदिवासियों की सुरक्षा से ऊपर नहीं होनी चाहिए।

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