Home » कोरबा » वन विभाग की लापरवाही या बिजली विभाग की खता? कोरबा में मादा भालू और दो शावकों की तड़प-तड़प कर मौत, ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’ जैसे हालात!

वन विभाग की लापरवाही या बिजली विभाग की खता? कोरबा में मादा भालू और दो शावकों की तड़प-तड़प कर मौत, ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’ जैसे हालात!

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कोरबा 27 मार्च । कटघोरा वन मंडल के केंदई रेंज से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ बिजली के तार की चपेट में आने से एक मादा भालू और उसके दो मासूम शावकों की मौत हो गई। जंगल में पसरी इन लाशों ने न केवल वन्यजीव संरक्षण के दावों की पोल खोल दी है, बल्कि अब इस मामले में हो रही कार्रवाई ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।

क्या है पूरा मामला? ग्रामीणों के अनुसार, सलाईगोट गांव के पास जब लोग खेतों की ओर जा रहे थे, तब उन्होंने भालुओं के शव और जमीन पर गिरे बिजली के तार देखे। बताया जा रहा है कि एक पेड़ की टहनी गिरने से हाई वोल्टेज लाइन का तार टूट गया था। हालांकि सप्लाई बंद बताई जा रही थी, लेकिन लाइन में मौजूद करंट ने बेगुनाह वन्यजीवों की बलि ले ली।

असली जिम्मेदार कौन? कार्रवाई पर उठे सवाल घटना के बाद विभाग ने एक लाइनमैन पर गाज गिराने की तैयारी की है, जिसे लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह “उल्टा चोर कोतवाल को डांटे” वाली स्थिति है। सवाल यह है कि जंगल के बीच से गुजरने वाली इन हाई वोल्टेज लाइनों की नियमित निगरानी और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी किसकी थी? क्या एक छोटे कर्मचारी को बलि का बकरा बनाकर बड़े अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं?

जनता की मांग: निष्पक्ष हो जांच क्षेत्र के लोगों ने इस एकतरफा कार्रवाई पर तंज कसते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक वास्तविक जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक मूक वन्यजीव इसी तरह सिस्टम की लापरवाही का शिकार होते रहेंगे।


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