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कोल इंडिया की बड़ी तैयारी: SECL और MCL में 25% हिस्सेदारी बेचेगी कंपनी

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नई दिल्ली 24 मार्च 2026 : कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) ने अपनी दो सबसे महत्वपूर्ण और बड़ी सहायक कंपनियों—साउथ-ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) और महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL)—को शेयर बाजार में लिस्ट करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी के निदेशक मंडल (Board of Directors) ने इन दोनों संस्थाओं में 25 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी बेचने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।

मुख्य बिंदु:

  • विनिवेश की प्रक्रिया: कोल इंडिया ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) के माध्यम से अपनी हिस्सेदारी कम करेगी। इसके अलावा, SECL द्वारा नए इक्विटी शेयर भी जारी किए जा सकते हैं, जो उसकी कुल चुकता पूंजी का 10 प्रतिशत तक हो सकते हैं।

  • लिस्टिंग का तरीका: यह लिस्टिंग प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) या बाजार के अन्य कानूनी माध्यमों से एक या अधिक किस्तों में पूरी की जाएगी।

  • मंत्रालय की भूमिका: बोर्ड के इस फैसले की जानकारी अब कोयला मंत्रालय को भेजी जाएगी, जो इसे निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) को आगे बढ़ाएगा।

  • पृष्ठभूमि: दिसंबर 2025 में ही बोर्ड ने इसके संकेत दे दिए थे। कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया को निर्देश दिया था कि वह अगले वित्तीय वर्ष तक इन दोनों सहायक कंपनियों को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने के लिए ठोस कदम उठाए।

वर्तमान स्थिति:

फिलहाल यह योजना सैद्धांतिक चरण में है। इसका मतलब है कि वास्तविक लिस्टिंग से पहले अभी कई नियामक मंजूरियां (Regulatory Approvals) और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करना बाकी है। यह कदम सरकारी संपत्तियों के मुद्रीकरण और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में पारदर्शिता बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।


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