जगदलपुर | 23 मार्च, 2026 :बस्तर संभाग के वनांचलों से लेकर शहरों तक रविवार को ‘ज्ञान का उल्लास’ छाया रहा। नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत आयोजित महापरीक्षा ने जिले में साक्षरता के प्रति एक नई अलख जगा दी है। कलेक्टर आकाश छिकारा और जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में आयोजित इस परीक्षा में कुल 25,706 परीक्षार्थियों ने हिस्सा लेकर स्वावलंबन की ओर कदम बढ़ाया।
सलाखों के पीछे और पुनर्वास केंद्रों में जली ज्ञान की ज्योत
इस आयोजन की सबसे प्रेरणादायक तस्वीर जगदलपुर केंद्रीय जेल और आड़ावाल पुनर्वास केंद्र से सामने आई। जेल में बंद 141 बंदियों (94 पुरुष और 47 महिला) ने साक्षरता की मुख्यधारा से जुड़ने का संकल्प लिया। वहीं, विकास और शांति की राह पर लौटते हुए 28 पुर्नवासितों ने भी कलम थामकर अपनी नई पहचान गढ़ी।
दुर्गम क्षेत्रों तक पहुँची परीक्षा: 812 केंद्रों पर आयोजन
जिले के सुदूर और घने जंगलों में रहने वाले ग्रामीणों की सुविधा के लिए प्रशासन ने 812 परीक्षा केंद्र स्थापित किए थे। संयुक्त संचालक श्री एचआर सोम और जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल ने केंद्रों का सघन निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। परीक्षा में मुख्य रूप से तीन कौशलों का आकलन किया गया:
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पढ़ना 2.लिखना 3. बुनियादी अंकगणित
उत्सव जैसा माहौल: बालेंगा बना ‘मॉडल केंद्र’
विकासखंड बस्तर का ग्राम बालेंगा एक उत्सव के केंद्र के रूप में उभरा। इसे ‘मॉडल उल्लास केंद्र’ के रूप में सजाया गया था, जहाँ ग्रामीणों के लिए विशेष ‘उल्लास सेल्फी जोन’ बनाया गया। चित्रकोट और लोहंडीगुड़ा जैसे क्षेत्रों में भी भारी उत्साह देखा गया।
कलेक्टर का संदेश: “बस्तर तभी सही मायने में सशक्त बनेगा, जब यहाँ का हर नागरिक साक्षर होगा। सफल प्रतिभागियों को जल्द ही बुनियादी साक्षरता प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।”








