Latest News
महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल: क्या फिर एक होंगे उद्धव और शिंदे? एक नेता के बयान से सियासी पारे में उबाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एकता नगर में सरदार पटेल की जयंती पर देश को किया संबोधित, कहा- भारत अब रुकने वाला नहीं छत्तीसगढ़ ने खोया एक जनप्रिय नेता: अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन CM उमर अब्दुल्ला और वरिष्ठ पत्रकार निधि राजदान बंधे शादी के बंधन में, सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर कर दी खुशखबरी रामलीला मैदान रैली: राहुल गांधी ने मिंटो रोड से अजमेरी गेट तक पैदल यात्रा का किया आह्वान, दिल्ली पुलिस बोली– ‘नहीं मांगी गई मार्च की अनुमति’ छत्तीसगढ़ में अनोखा मामला: DEO ने थाना प्रभारी को थमाया नोटिस, 7 साल तक जेल में बंद रहा शिक्षक और विभाग को भनक तक नहीं लगी!
Home » स्वास्थ्य » बिना पंजीयन निजी केंद्रों में सेवा देने वाले डॉक्टरों पर कसेगा शिकंजा; संचालकों को 50 हजार जुर्माना और जेल की चेतावनी

बिना पंजीयन निजी केंद्रों में सेवा देने वाले डॉक्टरों पर कसेगा शिकंजा; संचालकों को 50 हजार जुर्माना और जेल की चेतावनी

Share:

कोरबा | 12 मार्च 2026 जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने शहर के निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और डायग्नोस्टिक सेंटर्स में प्रेक्टिस करने वाले डॉक्टरों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. एस.एन. केशरी ने स्पष्ट किया है कि निजी क्लीनिकों या अस्पतालों में ओपीडी (OPD) सेवा देने वाले सभी सरकारी और निजी चिकित्सकों को ‘नर्सिंग होम एक्ट’ के तहत पंजीयन कराना अनिवार्य होगा।

शपथ-पत्र और पंजीयन प्रमाण पत्र देना होगा अनिवार्य

सीएमएचओ ने निर्देशित किया है कि क्लीनिकल स्थापना में सेवा देने वाले हर डॉक्टर को अपना आयुर्विज्ञान परिषद का रजिस्ट्रेशन और अपनी ड्यूटी के समय से संबंधित शपथ-पत्र मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में अनिवार्य रूप से जमा करना होगा। यह आदेश सरकारी अस्पतालों में कार्यरत उन डॉक्टरों पर भी लागू होगा जो निजी केंद्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

लापरवाही पर भारी जुर्माना और सजा का प्रावधान

डॉ. केशरी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई क्लीनिकल संस्था बिना पंजीकृत चिकित्सक के सेवाएं लेती पाई गई, तो छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अधिनियम 2010 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी:

▪️पहली बार उल्लंघन पर: 20 हजार रुपये का अर्थदंड।▪️दूसरी बार उल्लंघन पर: 50 हजार रुपये का जुर्माना और 3 वर्ष तक का कारावास।

स्वास्थ्य विभाग के इस कदम से जिले में संचालित अवैध क्लीनिकों और बिना सूचना के निजी प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों पर लगाम लगेगी। विभाग ने सभी संस्था संचालकों को दस्तावेजों के साथ जल्द से जल्द पंजीयन प्रक्रिया पूरी करने की हिदायत दी है।

।।।

latest news