Latest News
भारत की थाली का सच: क्या भारत केवल शाकाहारी देश है? BRICS डिनर, राहुल गांधी का दावा और भारतीय खान-पान का इतिहास कैल्शियम स्कोर सही, तो भी दिल की बीमारी का खतरा? जानिए क्या कहती है 10 साल की यह नई रिसर्च कोरबा में आसमान में दिखा अद्भुत नजारा: अर्धचंद्र के ऊपर चमका बेहद खूबसूरत तारा, जानें क्या है इसका खगोलीय सच बालको मेडिकल सेंटर के चौथे वार्षिक बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव में शामिल होंगे देश-दुनिया के कैंसर विशेषज्ञ गणेशोत्सव से पहले कोरबा पुलिस का बड़ा एक्शन: एक ही दिन में 105 अपराधियों पर कार्रवाई, 60 वारंटी भेजे गए जेल अंबिकापुर में छात्र नेता की प्रताड़ना से तंग आकर छात्रा ने की आत्महत्या, आरोपी गिरफ्तार; कांग्रेस ने पार्टी से किया निलंबित
Home » स्वास्थ्य » बिना पंजीयन निजी केंद्रों में सेवा देने वाले डॉक्टरों पर कसेगा शिकंजा; संचालकों को 50 हजार जुर्माना और जेल की चेतावनी

बिना पंजीयन निजी केंद्रों में सेवा देने वाले डॉक्टरों पर कसेगा शिकंजा; संचालकों को 50 हजार जुर्माना और जेल की चेतावनी

Share:

कोरबा | 12 मार्च 2026 जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने शहर के निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और डायग्नोस्टिक सेंटर्स में प्रेक्टिस करने वाले डॉक्टरों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. एस.एन. केशरी ने स्पष्ट किया है कि निजी क्लीनिकों या अस्पतालों में ओपीडी (OPD) सेवा देने वाले सभी सरकारी और निजी चिकित्सकों को ‘नर्सिंग होम एक्ट’ के तहत पंजीयन कराना अनिवार्य होगा।

शपथ-पत्र और पंजीयन प्रमाण पत्र देना होगा अनिवार्य

सीएमएचओ ने निर्देशित किया है कि क्लीनिकल स्थापना में सेवा देने वाले हर डॉक्टर को अपना आयुर्विज्ञान परिषद का रजिस्ट्रेशन और अपनी ड्यूटी के समय से संबंधित शपथ-पत्र मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में अनिवार्य रूप से जमा करना होगा। यह आदेश सरकारी अस्पतालों में कार्यरत उन डॉक्टरों पर भी लागू होगा जो निजी केंद्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

लापरवाही पर भारी जुर्माना और सजा का प्रावधान

डॉ. केशरी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई क्लीनिकल संस्था बिना पंजीकृत चिकित्सक के सेवाएं लेती पाई गई, तो छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अधिनियम 2010 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी:

▪️पहली बार उल्लंघन पर: 20 हजार रुपये का अर्थदंड।▪️दूसरी बार उल्लंघन पर: 50 हजार रुपये का जुर्माना और 3 वर्ष तक का कारावास।

स्वास्थ्य विभाग के इस कदम से जिले में संचालित अवैध क्लीनिकों और बिना सूचना के निजी प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों पर लगाम लगेगी। विभाग ने सभी संस्था संचालकों को दस्तावेजों के साथ जल्द से जल्द पंजीयन प्रक्रिया पूरी करने की हिदायत दी है।

।।।

Leave a Comment

latest news