तेहरान/यरूशलेम: हफ्तों से जारी कयासों और भीषण सैन्य टकराव के बीच, ईरान के सरकारी टेलीविजन (IRIB) ने रविवार सुबह वह घोषणा कर दी जिसने पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया है। ईरानी सरकार ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि देश के सर्वोच्च नेता, आयातुल्लाह अली खामेनेई, अब इस दुनिया में नहीं रहे।
कैसे हुई मौत? हमले की भयावहता
इजरायली और अमेरिकी खुफिया सूत्रों के अनुसार, यह ऑपरेशन एक ‘प्रिसिजन स्ट्राइक’ (सटीक हमला) था। शनिवार सुबह तेहरान स्थित खामेनेई के उच्च सुरक्षा वाले परिसर को निशाना बनाया गया।
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बंकर भेदी बमों का इस्तेमाल: रिपोर्टों के अनुसार, हमले में अत्याधुनिक बंकर-बस्टर मिसाइलों का उपयोग किया गया, जिसने जमीन के नीचे बने सुरक्षित कक्षों को भी नष्ट कर दिया।
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नेतन्याहू का दावा: इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि इस हमले में खामेनेई के साथ-साथ रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के शीर्ष कमांडर और परमाणु कार्यक्रम के रणनीतिकार भी मारे गए हैं।
ईरान में 40 दिनों का शोक और ‘शहादत’ का ऐलान
ईरानी सरकारी मीडिया ने खामेनेई को ‘शहीद’ घोषित करते हुए देश में 40 दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है। तेहरान की सड़कों पर सन्नाटा है, वहीं कुछ हिस्सों से भारी सुरक्षा बलों की तैनाती और छिटपुट विरोध प्रदर्शनों की खबरें भी आ रही हैं।
दुनिया भर में प्रतिक्रियाएं
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इजरायल: प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इसे “आतंकवाद के विरुद्ध सबसे बड़ी जीत” और ईरानी जनता के लिए “स्वतंत्रता का सवेरा” बताया है।
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अमेरिका: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन को सफल बताते हुए कहा कि दुनिया अब एक बड़े खतरे से मुक्त हो गई है।
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मध्य पूर्व: सऊदी अरब, यूएई और कतर जैसे देश स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं, क्योंकि सत्ता का यह खालीपन पूरे क्षेत्र में शक्ति संतुलन को बिगाड़ सकता है।
कौन होगा अगला उत्तराधिकारी?
खामेनेई की मृत्यु के बाद अब सबसे बड़ा सवाल उत्तराधिकार का है। ईरान के संविधान के अनुसार, ‘विशेषज्ञों की परिषद’ (Assembly of Experts) नए सर्वोच्च नेता का चुनाव करेगी। हालांकि, युद्ध की स्थिति को देखते हुए देश में सैन्य शासन या IRGC के बढ़ते प्रभाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
प्रमुख बिंदु एक नजर में:
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पुष्टि: ईरानी सरकारी टीवी द्वारा रविवार सुबह आधिकारिक बयान।
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कारण: इजरायल-अमेरिका का संयुक्त हवाई हमला।
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अन्य हताहत: IRGC के वरिष्ठ कमांडर और परमाणु वैज्ञानिक।
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अगला कदम: ईरान ने “कठोर प्रतिशोध” की धमकी दी है, जबकि इजरायल ने हमले जारी रखने की कसम खाई है।








