मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत: न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी और फिजियोथैरेपी की सुविधाएं अब एक साथ उपलब्ध
कोरबा छत्तीसगढ़ 22 दिसंबर। जिले के प्रतिष्ठित सुपर स्पेशियलिटी न्यू कोरबा हॉस्पिटल (NKH) ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में अब ‘सम्पूर्ण न्यूरो केयर डिपार्टमेंट’ का विधिवत शुभारंभ कर दिया गया है। इस नई पहल के साथ ही अब न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी और न्यूरो फिजियोथैरेपी की सेवाएं एक ही छत के नीचे मिलने लगेंगी, जिससे स्थानीय मरीजों को अब इलाज के लिए बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
पहली बार एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी की सुविधा
अस्पताल में अत्याधुनिक एंडोस्कोपिक (दूरबीन) स्पाइन सर्जरी की शुरुआत की गई है। न्यूरोसर्जन डॉ. शिवानी ने बताया कि इस मिनिमली इनवेसिव पद्धति से रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन बिना बड़े चीरे के किया जाता है। इसमें मरीज को कम दर्द होता है, खून कम बहता है और रिकवरी इतनी तेज होती है कि मरीज को कुछ ही दिनों में छुट्टी मिल जाती है।
समय और खर्च की होगी बचत: डॉ. चंदानी
अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. एस. चंदानी ने कहा, “हमारा उद्देश्य कोरबा के निवासियों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है। अब न्यूरो से जुड़ी जटिल सर्जरी के लिए मरीजों को बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी, जिससे उनके समय, मेहनत और पैसे तीनों की बचत होगी।”
24 घंटे आपातकालीन सेवा और सरकारी योजनाओं का लाभ
NKH में 24 घंटे इमरजेंसी की सुविधा उपलब्ध है, जहां रात के समय भी विशेषज्ञ टीम गंभीर मरीजों के लिए तत्पर रहती है। साथ ही, मरीजों की आर्थिक सुविधा के लिए यहाँ आयुष्मान भारत योजना के तहत निशुल्क उपचार की व्यवस्था है। इसके अलावा सभी प्रमुख प्राइवेट बीमा और हेल्थ कार्ड भी यहाँ मान्य हैं।
समझें अंतर: क्यों जरूरी है तीनों का तालमेल?
अक्सर लोग न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी को एक ही मानते हैं, लेकिन NKH ने इनके बीच के अंतर और महत्व को स्पष्ट किया है:
| विभाग | कार्य प्रणाली | प्रमुख उपचार |
| न्यूरोलॉजी | दवाइयों के माध्यम से इलाज। | मिर्गी, सिरदर्द, नसों की कमजोरी, स्ट्रोक का शुरुआती प्रबंधन। |
| न्यूरोसर्जरी | ऑपरेशन के जरिए उपचार। | ब्रेन ट्यूमर, सिर की चोट, स्लिप डिस्क, ब्रेन हेमरेज, स्पाइन सर्जरी। |
| फिजियोथैरेपी | व्यायाम और थेरेपी से रिकवरी। | सर्जरी के बाद चलना-फिरना शुरू करना, लकवा (पैरालिसिस) में सुधार। |
सरल शब्दों में कहें तो न्यूरोलॉजिस्ट बीमारी को दवाओं से ठीक करते हैं, न्यूरोसर्जन जरूरत पड़ने पर सर्जरी करते हैं और फिजियोथैरेपिस्ट मरीज को दोबारा सामान्य जीवन में चलने-फिरने के काबिल बनाते हैं।








