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जशपुर में ‘मुर्दा’ लौटा जिंदा: जिसकी हत्या के आरोप में 5 दोस्त जेल में, वह खुद चलकर पहुंचा थाने

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जशपुर छत्तीसगढ़ 22 दिसंबर|  छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली और जांच पर बड़े सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। जिस युवक की ‘हत्या’ के मामले में पुलिस ने केस सुलझाने का दावा किया था और 5 आरोपियों को जेल भेजा था, वह युवक 61 दिन बाद सही-सलामत पुलिस स्टेशन पहुंच गया। युवक ने पुलिस से कहा— “साहब, मैं जिंदा हूं, मेरा मर्डर नहीं हुआ है।”

क्या है पूरा मामला?

बीती 22 अक्टूबर को सिटी कोतवाली क्षेत्र के तुरीटोंगरी जंगल में एक युवक की अधजली लाश मिली थी। शिनाख्त के दौरान ग्राम सिटोंगा निवासी सीमित खाखा (30) के परिजनों ने उसे अपना बेटा मान लिया था। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की और दावा किया कि पैसों के विवाद में सीमित के दोस्तों ने ही उसकी हत्या की है। पुलिस ने इस मामले में रामजीत राम, वीरेंद्र राम और तीन अन्य सहित कुल 5 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

कैसे खुला राज?

शनिवार रात मामला तब पलट गया जब ‘मृतक’ घोषित सीमित खाखा ग्राम पंचायत सिटोंगा की सरपंच कल्पना खलखो के साथ खुद थाने पहुंच गया। दरअसल, सीमित झारखंड से बस द्वारा लौटा था। उसे देखते ही एक ऑटो चालक ने पहचान लिया और सरपंच को सूचना दी।

सीमित ने पुलिस को बताया:

“मैं रोजगार की तलाश में झारखंड के गिरिडीह चला गया था। वहां मोबाइल न होने के कारण परिजनों से संपर्क नहीं हो पाया। मैं तो क्रिसमस मनाने घर वापस आया हूं, मुझे अपनी मौत या मर्डर केस के बारे में कुछ पता ही नहीं था।”

पुलिस की थ्योरी पर खड़े हुए गंभीर सवाल

इस घटना ने जशपुर पुलिस को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब पुलिस के सामने तीन सबसे बड़ी चुनौतियां हैं:

झूठी स्वीकारोक्ति: यदि सीमित जिंदा है, तो गिरफ्तार दोस्तों ने हत्या की बात क्यों कबूली? क्या उन पर दबाव बनाया गया था?

असली मृतक कौन: वह अधजली लाश किसकी थी जिसे सीमित समझकर दफना दिया गया?

शिनाख्त की चूक: मजिस्ट्रेट के सामने परिजनों ने गलत शव की पहचान कैसे की?

कानूनी पेच और पुलिस की सफाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि पूर्व में परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और परिजनों की पहचान के आधार पर कार्रवाई की गई थी। अब वास्तविक मृतक की पहचान के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है। जेल में बंद आरोपियों की रिहाई के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

मुख्य बिंदु:
▪️तारीख: 22 अक्टूबर को मिली थी अधजली लाश। ▪️गिरफ्तारी: 5 लोग हत्या के आरोप में भेजे गए थे जेल। ▪️ट्विस्ट: ‘मृतक’ सीमित खाखा 61 दिन बाद झारखंड से लौटा। ▪️पुलिस एक्शन: असली मृतक की पहचान के लिए SIT गठित।

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