‘मोटापा, तोंद और व्यसन’ बने बड़ी चुनौती
सरगुजा छत्तीसगढ़: सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) दीपक झा की एक बड़ी कार्रवाई ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। उन्होंने जब रेंज की पूरी फोर्स का फिटनेस डेटा तैयार कराया, तो जो तस्वीर सामने आई वह चौंकाने वाली थी। आंकड़ों के अनुसार, सरगुजा संभाग के विभिन्न जिलों में 300 से अधिक पुलिसकर्मी ‘अनफिट’ पाए गए हैं।
इन पुलिसकर्मियों के अनफिट होने के प्रमुख कारण मोटापा, बाहर निकली तोंद, बढ़ता वज़न और विभिन्न व्यसन बताए गए हैं।
सुबह 4 बजे का ‘टफ ड्रिल’: फिटनेस हुई अनिवार्य!
इस चौंकाने वाले डेटा के सामने आने के बाद, IG ने तुरंत एक विशेष और सख्त अभियान शुरू कर दिया है।
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सज़ा नहीं, ज़रूरत: सभी अनफिट जवानों को हर रोज़ सुबह 4 बजे अनिवार्य रूप से मैदान में पहुंचकर दौड़ (रनिंग) लगानी होगी।
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नियमित मॉनिटरिंग: फिटनेस ड्रिल, रनिंग और नियमित हेल्थ चेकअप के जरिए इन जवानों की शारीरिक क्षमता को बढ़ाया जाएगा। अधिकारी खुद इस प्रक्रिया की समय-समय पर समीक्षा कर रहे हैं।
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स्थानीय फिटनेस क्लब: हर ज़िले की लाइन्स और थाना स्तर पर ‘फिटनेस क्लब’ बनाए जा रहे हैं। यहाँ पुलिसकर्मियों को योग, कार्डियो, जॉगिंग और बॉडी-वेट एक्सरसाइज़ की स्पेशल ट्रेनिंग दी जा रही है।
डाइट प्लान और काउंसलिंग: बीमारियों पर कड़ी निगरानी
यह अभियान सिर्फ़ फिजिकल ट्रेनिंग तक सीमित नहीं है। IG के निर्देश पर ऐसे पुलिसकर्मियों की गहन मेडिकल जांच कराई जा रही है जिनका वज़न लगातार बढ़ रहा है या जो किसी व्यसन से जूझ रहे हैं।
अनफिट पाए गए जवानों को काउंसलिंग के साथ-साथ विशेष डाइट प्लान भी दिए जा रहे हैं ताकि वे स्वस्थ हो सकें।
फिटनेस में सुधार न होने पर कार्रवाई तय
पुलिस विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह अभियान महज़ एक औपचारिकता नहीं है। यदि कोई कर्मचारी इस मुहिम के बाद भी अपनी फिटनेस में सुधार नहीं करता है, तो उसके करियर पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
आईजी दीपक झा का साफ़ संदेश है:
“फोर्स जितनी फिट होगी, उतनी ही बेहतर सेवा दे सकेगी। फिटनेस अब अनिवार्य है, विकल्प नहीं।”
यह अभियान फोर्स की फील्ड ड्यूटी में त्वरित प्रतिक्रिया और सक्रियता को सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।








