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नियम तोड़कर दुश्मन की खातिरदारी: ट्रंप-जिनपिंग की ऐतिहासिक मुलाकात के पीछे का ‘मास्टरस्ट्रोक’

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नई दिल्ली 21 सितंबर 2026 US China Trade : विश्व राजनीति में एक बड़ा मोड़ देखने को मिल रहा है। अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से जारी व्यापारिक और सामरिक कड़वाहट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक अभूतपूर्व फैसला सामने आया है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के 3 दिवसीय अमेरिकी दौरे के दौरान ट्रंप अमेरिकी राजनयिक प्रोटोकॉल के स्थापित नियमों को दरकिनार करते हुए खुद हवाई अड्डे पर उनकी अगवानी करेंगे।

प्रोटोकॉल तोड़कर रनवे पर स्वागत का अनोखा फैसला

सामान्य अमेरिकी विदेश विभाग के प्रोटोकॉल के अनुसार, किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष का स्वागत एयरबेस पर प्रोटोकॉल चीफ, सैन्य अधिकारी, राजदूत या उपराष्ट्रपति द्वारा किया जाता है। राष्ट्रपति का मुख्य कार्य व्हाइट हाउस में रेड कार्पेट और 21 तोपों की सलामी के साथ आगंतुक की अगवानी करना होता है।

हालांकि, 23 सितंबर की शाम शी जिनपिंग का विमान लैंड होते ही डोनाल्ड ट्रंप अपनी पत्नी मेलानिया ट्रंप के साथ खुद रनवे पर मौजूद रहकर उनका इस्तकबाल करेंगे। अमेरिकी इतिहास में यह दुर्लभ सम्मान इससे पहले केवल वेटिकन के धर्मगुरु पोप (2008 में जॉर्ज बुश द्वारा पोप बेनेडिक्ट और 2015 में बराक ओबामा द्वारा पोप फ्रांसिस) को ही मिला है। अमेरिका के सबसे बड़े व्यापारिक और रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी के लिए यह स्तर का स्वागत एक ऐतिहासिक घटना है।

टेक-दिग्गजों के साथ ‘स्टेट डिनर’ की रणनीति

स्वागत की यह भव्यता केवल एयरबेस तक सीमित नहीं है। 24 सितंबर को व्हाइट हाउस में आयोजित होने वाले ‘स्टेट डिनर’ की गेस्ट लिस्ट ने वैश्विक स्तर पर सबका ध्यान खींचा है। ट्रंप ने इस दावत में दुनिया की सबसे बड़ी टेक और फाइनेंस कंपनियों के प्रमुखों को आमंत्रित किया है:

  • एलन मस्क (Tesla)

  • सुंदर पिचाई (Alphabet/Google)

  • टिम कुक (Apple)

  • जेफ बेजोस (Amazon)

  • सैम ऑल्टमैन (OpenAI)

  • जेन्सेन हुआंग (Nvidia)

  • माइकल डेल (Dell)

इस उच्च स्तरीय मौजूदगी का मुख्य उद्देश्य चीन के साथ केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर चिप्स की सप्लाई चेन पर गंभीर व्यापारिक बातचीत स्थापित करना है।

ग्रैंड वेलकम के पीछे के 3 बड़े कूटनीतिक कारण

  1. दुर्लभ खनिज (Rare Earth Minerals) और टेक सप्लाई: अमेरिकी उद्योग और रक्षा निर्माण के लिए चीन से मिलने वाले दुर्लभ खनिजों की निर्बाध आपूर्ति बेहद जरूरी है। ट्रंप प्रौद्योगिकी प्रतिबंधों और दुर्लभ खनिजों की आपूर्ति संतुलन के बीच एक आर्थिक सहमति बनाना चाहते हैं।

  2. बीजिंग दौरे का कूटनीतिक ‘रिटर्न गिफ्ट’: मई 2026 में जब ट्रंप ने बीजिंग का दौरा किया था, तब चीनी सरकार ने चीनी उपराष्ट्रपति हान झेंग की मौजूदगी, गार्ड ऑफ ऑनर और भव्य स्वागत के साथ उनकी अगवानी की थी। ट्रंप उसी राजकीय आदर-सत्कार का जवाब अपने अंदाज में दे रहे हैं।

  3. वैश्विक वर्चस्व और व्यापारिक संतुलन: अमेरिका और चीन के बीच संघर्ष किसी व्यक्तिगत रंजिश का परिणाम न होकर वैश्विक आर्थिक व तकनीकी नेतृत्व का मुकाबला है। टैरिफ और व्यापार घाटे को नियंत्रित करने के लिए ट्रंप व्यक्तिगत कूटनीति के जरिए बीच का रास्ता निकालना चाहते हैं।

शी जिनपिंग के 3 दिवसीय दौरे का संपूर्ण कार्यक्रम

तिथि प्रस्तावित कार्यक्रम
23 सितंबर एयरबेस पर विमान लैंडिंग; राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मेलानिया ट्रंप द्वारा रनवे पर अगवानी।
24 सितंबर व्हाइट हाउस में तोपों की सलामी, द्विपक्षीय उच्च स्तरीय बैठक और टेक-सीईओ के साथ स्टेट डिनर।
25 सितंबर चाय पर चर्चा, नेशनल आर्काइव्स का दौरा और अंतिम दौर की बातचीत के बाद बीजिंग के लिए रवानगी।

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