Latest News
कोरबा में विवादित राताखार बाईपास सीमांकन पर रोक, मंत्री के आश्वासन के बाद कलेक्टर ने बुलाई व्यापारियों की बैठक भाजपा संगठन में बड़ा फेरबदल: राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में नई नियुक्तियां घोषित दुर्ग में दिनदहाड़े सनसनी: गिरवी रखने के बहाने आए नकाबपोश ने ज्वेलर पर चाकुओं से किया हमला, हालत गंभीर महंगाई के दौर में अनोखा खेल! सरकारी रेट से ₹600 तक सस्ते में बिक रहे LPG सिलिंडर, जानिए क्या है मजबूरी ट्रंप-जिनपिंग महामुलाकात: व्यापार युद्ध से ईरान संकट तक… क्या दिशा बदलेगा 10 साल बाद हुआ यह ऐतिहासिक अमेरिका दौरा? कोरबा में मल्टीलेवल पार्किंग के पास चौपाटी योजना का विरोध: 22 व्यापारियों का छलका दर्द, चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने की स्थल परिवर्तन की मांग
Home » कोरबा » हाईकोर्ट के आदेश भी बेअसर: उरगा-चाम्पा फोरलेन पर मवेशियों का डेरा, क्या बिना सुरक्षा वसूली जाएगी टोल फीस?

हाईकोर्ट के आदेश भी बेअसर: उरगा-चाम्पा फोरलेन पर मवेशियों का डेरा, क्या बिना सुरक्षा वसूली जाएगी टोल फीस?

Share:

 High Court Directives Ignored: Cattle Stray on Urga-Champa Highway, Raises Questions Over Toll Collection Rights

कोरबा 21 सितंबर 2026 Stray Cattle Problem । छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणियों और निर्देशों के साल भर बीत जाने के बाद भी सड़कों पर मवेशियों के जमावड़े की गंभीर समस्या जस की तस बनी हुई है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर हादसों को रोकने के लिए अदालत ने मुख्य सचिव से शपथपत्र के साथ स्पष्ट रोड मैप मांगा था। साथ ही सुनवाई के दौरान यह अहम सवाल भी उठा था कि यदि एनएचएआई सड़कों से मवेशियों को हटाकर यातायात सुरक्षित नहीं कर सकती, तो उसे आम जनता से टोल टैक्स वसूलने का नैतिक और कानूनी अधिकार कैसे है?

इसके बावजूद, राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) 149-B उरगा-चाम्पा मार्ग पर स्थिति चिंताजनक है। पताढ़ी और पहंदा से लेकर सरगबुंदिया, मड़वारानी, कोथारी और पचपेड़ी जमनीपाली टोल नाके तक पूरी सड़क पर आवारा मवेशियों का जमघट लगा रहता है। सोमवार को भी सरगबुंदिया के पास फोरलेन के बीचों-बीच गाय-बैलों के झुंड बेखौफ विचरण करते देखे गए, जिससे वाहन चालकों को निकलने में भारी मशक्कत करनी पड़ी।

दिन के उजाले में तो चालक किसी तरह वाहनों को नियंत्रित कर लेते हैं, लेकिन शाम और रात के समय सड़क पर बैठे ये मवेशी किसी बड़े हादसे का सबब बन सकते हैं। एनएचएआई के नियमित गश्त और पेट्रोलिंग के दावों की पोल इस मार्ग पर साफ खुलती नजर आ रही है। टोल वसूली में तो मुस्तैदी दिखाई जा रही है, लेकिन जनसुरक्षा और मवेशी-मुक्त मार्ग प्रदान करने के दायित्व से जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह मुंह मोड़े हुए हैं।

यदि जल्द ही इस ओर ध्यान देकर उचित कदम नहीं उठाए गए, तो इस व्यस्त मार्ग पर कोई बड़ा हादसा होना तय है। लगातार अनदेखी से स्थानीय निवासियों और राहगीरों में भारी आक्रोश व्याप्त है, और लोग अब एनएचएआई की इस कार्यप्रणाली पर सीधे सवाल खड़े कर रहे हैं।

Leave a Comment