Latest News
छत्तीसगढ़ में अनोखा मामला: DEO ने थाना प्रभारी को थमाया नोटिस, 7 साल तक जेल में बंद रहा शिक्षक और विभाग को भनक तक नहीं लगी! 4 करोड़ का कैश, सीक्रेट चेंबर और कोर्ट का झटका: छत्तीसगढ़ के चर्चित कैश जब्ती मामले में आया नया मोड़! लौह पुरुष सरदार पटेल की जयंती पर गूंजा राष्ट्रीय एकता का संकल्प, मंत्री लखन लाल देवांगन व भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने अर्पित किए श्रद्धासुमन चक्रवात ‘अर्नब’ का कहर: छत्तीसगढ़ में प्रभावित किसानों को जल्द मिलेगी राहत, सीएम साय ने दिए सर्वे के निर्देश छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे के बाद सियासी घमासान: सुधांशु त्रिवेदी बोले— ‘जंगल से नक्सलवाद गया, पर दिल्ली में ‘दिमागी नक्सल’ बाकी’ रात को सोते समय पैरों के तलवों में जलन क्यों होती है? जानिए कारण, राहत के उपाय और कब लें डॉक्टर की सलाह
Home » Uncategorized » लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत बने छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नए प्रभारी: जानिए आलाकमान ने क्यों जताया भरोसा ?

लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत बने छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नए प्रभारी: जानिए आलाकमान ने क्यों जताया भरोसा ?

Share:

वर्ष 2019 में सुखदेव भगत कुछ समय के लिए भाजपा में शामिल हुए थे, लेकिन जनवरी 2022 में उन्होंने कांग्रेस में वापसी की। 2024 के आम चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें लोहरदगा से टिकट दिया, जहाँ से शानदार जीत दर्ज कर वे पहली बार लोकसभा पहुंचे। पढ़े पुरी खबर...

रायपुर 6 सितंबर Chhattisgarh Congress:    आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस आलाकमान ने संगठन स्तर पर बड़ा फेरबदल किया है। झारखंड के लोहरदगा से सांसद सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ कांग्रेस का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया है। वह सचिन पायलट की जगह लेंगे, जिन्हें अब पंजाब की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को असम का नया प्रभारी बनाया गया है।

कौन हैं सुखदेव भगत?

  • प्रशासनिक अनुभव से राजनीति तक: 22 अक्टूबर 1960 को लोहरदगा (झारखंड) में जन्मे सुखदेव भगत ने दिल्ली विश्वविद्यालय से एमए की पढ़ाई पूरी की। राजनीति में कदम रखने से पहले वे राज्य प्रशासनिक सेवा में अधिकारी थे।

  • राजनीतिक सफर: वर्ष 2005 में उन्होंने प्रशासनिक सेवा छोड़कर चुनाव लड़ा और पहली बार विधायक बने।

  • संगठनात्मक अनुभव: सुखदेव भगत झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (JPCC) के अध्यक्ष की कमान संभाल चुके हैं।

  • संसदीय पारी: वर्ष 2019 में वे कुछ समय के लिए भाजपा में शामिल हुए थे, लेकिन जनवरी 2022 में उन्होंने कांग्रेस में वापसी की। 2024 के आम चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें लोहरदगा से टिकट दिया, जहाँ से शानदार जीत दर्ज कर वे पहली बार लोकसभा पहुंचे।

आलाकमान ने क्यों जताया भरोसा और क्या होंगी चुनौतियां?

सुखदेव भगत के पास प्रशासनिक सेवा का लंबा अनुभव, मजबूत सांगठनिक समझ और जमीनी पकड़ है। इसी संतुलन को देखते हुए आलाकमान ने उन्हें छत्तीसगढ़ जैसे महत्वपूर्ण राज्य की जिम्मेदारी दी है।

अब उनके सामने छत्तीसगढ़ में निम्नलिखित मुख्य चुनौतियां होंगी:

  1. बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करना: पार्टी की कैडर व्यवस्था को निचले स्तर तक सक्रिय करना।

  2. नेताओं में समन्वय: वरिष्ठ नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल और गुटबाजी को समाप्त करना।

  3. चुनावी रणनीति: आगामी चुनावों के लिए पार्टी की स्पष्ट रणनीति तैयार करना और कार्यकर्ताओं में नए उत्साह का संचार करना।

जल्द ही सुखदेव भगत छत्तीसगढ़ का दौरा करेंगे और प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं व पदाधिकारियों के साथ बैठक कर संगठन की समीक्षा करेंगे।

📍