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बिलासपुर SIMS चौकी के दो पुलिसकर्मी गिरफ्तार: ‘सर्पदंश’ के नाम पर आपदा कोष में करोड़ों के फर्जीवाड़े का भंडाफोड़, खांडे गिरोह से थे साठगांठ

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बिलासपुर (छत्तीसगढ़) 21 जुलाई:

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित सिम्स (SIMS) अस्पताल की पुलिस चौकी में पदस्थ रहे दो पुलिसकर्मियों को फर्जीवाड़े और आपराधिक साजिश के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रामकुमार पाटनवार (40 वर्ष, निवासी बंधवा पारा, सरकंडा) और रामेश्वर भास्कर (53 वर्ष, निवासी सतनाम नगर, अमेरी) के रूप में हुई है। दोनों पुलिसकर्मी घटना के दौरान और उसके बाद भी सिम्स चौकी में तैनात थे।

ऐसे चलता था ‘मृत्यु का व्यापार’ और फर्जीवाड़े का पूरा खेल

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि ये दोनों पुलिसकर्मी कुख्यात ‘हीरा खांडे गिरोह’ के सक्रिय सदस्य के रूप में काम कर रहे थे। इनका मुख्य काम अस्पताल में आने वाले शवों का सौदा करना था:

  • तत्काल सूचना: जब भी सिम्स अस्पताल में कोई लावारिस या अन्य कारणों से हुई मृत्यु का शव (Dead Body) पहुंचता था, तो ये पुलिसकर्मी तुरंत खांडे गिरोह के मुख्य सदस्य महेंद्र मनहर को फोन कर इसकी जानकारी देते थे।

  • परिजनों का ब्रेनवॉश: सूचना मिलते ही गिरोह का सदस्य मनहर अस्पताल पहुंचकर मृतक के शोकाकुल परिजनों से संपर्क साधता था।

  • सरकारी मुआवजे का लालच: मृतक की मौत भले ही किसी बीमारी, दुर्घटना या अन्य कारणों से हुई हो, मनहर परिजनों को बहला-फुसलाकर मौत की वजह ‘सर्पदंश’ (सांप के काटने) बताने के लिए राजी कर लेता था।

  • आपदा कोष का दुरुपयोग: शासन द्वारा सर्पदंश से हुई मृत्यु पर दी जाने वाली आपदा राहत राशि का लालच देकर परिजनों को भी इस आपराधिक गिरोह का हिस्सा बना लिया जाता था। मुआवजा मिलने पर राशि का एक बड़ा हिस्सा यह गिरोह आपस में बांट लेता था।

मुखबिरी के बदले मिलता था मोटा कमीशन

जांच अधिकारियों के अनुसार, दोनों पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी शवों की सूचना देने और मृतक के परिजनों को इस फर्जीवाड़े के लिए तैयार करने में सहयोग करने के पुख्ता सबूत मिलने के आधार पर की गई है।

अदालत में पेशी और रिमांड की तैयारी

गिरफ्तार दोनों पुलिसकर्मियों को कल माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपियों को रिमांड पर लेकर कड़ाई से पूछताछ की जाएगी, ताकि इस पूरे सिंडिकेट में शामिल अन्य सफेदपोशों और प्रशासनिक कड़ियों का भी खुलासा किया जा सके।

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