बेंगलुरु/नागपुर 27 जून: ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुक करते समय क्या आप भी जल्दबाजी में जानकारी भरते हैं? अगर हाँ, तो यह खबर आपके लिए एक बड़ी चेतावनी है। बेंगलुरु से नागपुर की यात्रा कर रहे एक यात्री को अपनी टिकट में उम्र गलत दर्ज करने की वजह से ₹7,035 का भारी-भरकम जुर्माना भुगतना पड़ा है।
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यह मामला तब सामने आया जब पीड़ित यात्री, रमाकांत ने सोशल मीडिया पर रेल मंत्रालय को टैग करते हुए अपना कड़वा अनुभव साझा किया।
क्या है पूरा मामला?
रमाकांत 23 जून 2026 को बेंगलुरु से नागपुर जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22691) के 2AC (सेकंड एसी) कोच में सफर कर रहे थे। यात्रा के दौरान जब TTE ने टिकट की जांच की, तो उन्होंने रमाकांत को पैंट्री कार में चलने को कहा। वहाँ पहुँचने पर TTE ने उनसे ₹7,035 अतिरिक्त जमा करने की मांग की।
शुरुआत में रमाकांत को समझ नहीं आया कि आखिर इतनी बड़ी रकम क्यों मांगी जा रही है। जब उन्होंने विरोध जताते हुए वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू की, तो रेलवे कर्मचारियों ने उन्हें रिकॉर्डिंग करने से भी रोक दिया।
महज ‘1 साल’ की गलती पड़ी भारी
बाद में पता चला कि टिकट बुक करते समय रमाकांत से एक मानवीय भूल हो गई थी। उन्होंने अपनी वास्तविक उम्र 24 साल की जगह गलती से केवल 1 साल दर्ज कर दी थी।
यात्री का पक्ष: रमाकांत का कहना है कि यह गलती पूरी तरह अनजाने में हुई थी और 1 साल उम्र डालने से उन्हें किराए में कोई छूट या वित्तीय लाभ नहीं मिला था। उनके पास आधार कार्ड सहित सभी सरकारी पहचान पत्र मौजूद थे, जिससे उनकी पहचान साबित हो रही थी। उनकी मूल टिकट ₹3,589 की थी, लेकिन जुर्माने के बाद उन्हें कुल ₹10,624 चुकाने पड़े।
रेलवे ने क्यों लगाया इतना बड़ा जुर्माना?
मामले के तूल पकड़ने के बाद रमाकांत ने ‘रेल मदद’ (RailMadad) ऐप पर शिकायत दर्ज कराई। रेलवे ने इस पर आधिकारिक जवाब देते हुए TTE की कार्रवाई को नियमों के तहत सही ठहराया है। रेलवे के मुताबिक:
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बिना टिकट यात्रा की श्रेणी: टिकट में दर्ज जानकारी और यात्री की वास्तविक उम्र में अंतर होने के कारण, यात्री को ‘बिना उचित टिकट के यात्रा’ (Travelling without proper ticket) माना गया।
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रेलवे एक्ट की धारा 138: रेलवे अधिकारियों ने ‘रेलवे एक्ट, 1989 की धारा 138’ के तहत कार्रवाई करते हुए ₹7,035 का जुर्माना वसूला और इसकी बकायदा EFT (रसीद नंबर 0225318) भी जारी की।
रेलवे की सलाह: चार्ट बनने से पहले कराएं सुधार
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि टिकट बुक करने के बाद सभी जानकारियों को दोबारा जांचना यात्री की जिम्मेदारी है।
नियम क्या कहता है? अगर टिकट में नाम, उम्र या जेंडर में कोई गलती हो जाती है, तो ट्रेन का चार्ट तैयार होने और यात्रा शुरू होने से पहले नजदीकी PRS (पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम) काउंटर पर जाकर इसे मुफ्त या तय नियमों के तहत ठीक करवाया जा सकता है। एक बार यात्रा शुरू होने के बाद ट्रेन में इसमें कोई सुधार नहीं हो सकता।
यह घटना उन सभी रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी सीख है जो IRCTC ऐप या वेबसाइट से खुद टिकट बुक करते हैं। अगली बार टिकट फाइनल करने से पहले ‘Review Journey Details’ पर पैनी नजर जरूर डालें।
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