Home » देश » युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी: भारत में रोजगार और आर्थिक रफ्तार बढ़ाने को वर्ल्ड बैंक देगा ₹125 अरब से अधिक का फंड

युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी: भारत में रोजगार और आर्थिक रफ्तार बढ़ाने को वर्ल्ड बैंक देगा ₹125 अरब से अधिक का फंड

Share:

नई दिल्ली 22 जून : भारत में निजी क्षेत्र (प्राइवेट सेक्टर) के जरिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करने और देश की आर्थिक विकास दर को नई गति देने के लिए वर्ल्ड बैंक (विश्व बैंक) ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। वर्ल्ड बैंक के बोर्ड ऑफ एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स ने भारत में ढांचागत सुधारों (स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स) को मजबूती देने के लिए 1.5 अरब डॉलर (लगभग 125 अरब रुपये से अधिक) की भारी-भरकम आर्थिक मदद को मंजूरी दी है। यह वित्तीय सहायता ‘बूस्टिंग जॉब क्रिएशन इन द प्राइवेट सेक्टर डेवलपमेंट पॉलिसी फाइनेंसिंग (DPF)’ कार्यक्रम के तहत दी जा रही है।

Advt

20 साल में 1.1 करोड़ युवाओं को मिलेगा रोजगार का तोहफा

इस बड़े निवेश का सबसे सीधा और बड़ा फायदा देश के युवाओं को मिलने वाला है। अनुमान है कि इस कार्यक्रम की मदद से अगले दो दशकों (20 साल) में देश के वर्कफोर्स में शामिल होने वाले करीब 1.1 करोड़ युवा भारतीयों के लिए नौकरियों के नए और बेहतर अवसर तैयार होंगे।

वर्ल्ड बैंक की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह नया प्रोग्राम भारत में पिछले कुछ वर्षों में किए गए नीतिगत सुधारों—जैसे टैक्स सिस्टम को सरल बनाना, व्यापार को मजबूत करना, नियमों को आसान करना और बिजनेस फ्रेंडली माहौल तैयार करना—को और आगे ले जाएगा।

महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पर रहेगा फोकस

इस फाइनेंसिंग प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य नए स्टार्टअप और बिजनेस शुरू करने की राह में आने वाली रुकावटों को दूर करना है। इसके तहत निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा:

  • महिला सशक्तिकरण: श्रम बाजार में महिलाओं की भागीदारी को तेजी से बढ़ाना।

  • कारोबार में आसानी: निवेश और व्यापार से जुड़ी कागजी व कानूनी प्रक्रियाओं को सरल बनाना।

  • पूंजी की उपलब्धता: कंपनियों और स्टार्टअप्स के लिए फंड या पूंजी जुटाने के रास्ते आसान करना।

अहम कदम: इसी दिशा में सरकार ने नवंबर 2025 में 29 पुराने श्रम कानूनों को समाहित करके चार बड़े ‘लेबर कोड’ तैयार किए थे, जिससे कंपनियों के लिए नियमों का पालन आसान हो सके और कर्मचारियों के अधिकार भी सुरक्षित रहें।

आंकड़ों में सुधार: 6 साल में 15 करोड़ नए लोग रोजगार से जुड़े

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में रोजगार के मोर्चे पर पिछले कुछ सालों में सकारात्मक बदलाव आए हैं:

  • रोजगार में वृद्धि: साल 2017-18 में जहां कामकाजी लोगों की संख्या 45.2 करोड़ थी, वहीं 2023-24 तक यह बढ़कर 60.4 करोड़ हो गई। यानी सिर्फ 6 साल में 15 करोड़ से ज्यादा लोग रोजगार से जुड़े हैं।

  • बेरोजगारी दर में गिरावट: इस अवधि के दौरान बेरोजगारी दर 6% से घटकर 3.2% पर आ गई है।

  • महिला रोजगार: करीब 90 लाख महिलाएं नियमित वेतन (रेगुलर सैलरी) वाली नौकरियों से जुड़ी हैं।

2047 तक ‘विकसित भारत’ के विजन को मिलेगी मजबूती

वर्ल्ड बैंक के दक्षिण एशिया के उपाध्यक्ष जोहान्स जुट्ट ने भारत के इन प्रयासों की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर चुनौतीपूर्ण माहौल होने के बावजूद भारत निजी निवेश को आकर्षित करने और रोजगार बढ़ाने वाले सुधारों को तेजी से लागू कर रहा है। यह पहल साल 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के देश के सपने को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगी।

📍

Leave a Comment

latest news