कोरबा 16 जून । उर्जाधानी के मुड़ापार स्थित अंबेडकर भवन के पास नगर निगम के ‘ग्रीन जोन’ में अवैध कब्जे और धड़ल्ले से प्लाटिंग का एक बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि भू-माफियाओं द्वारा कई एकड़ शासकीय जमीन पर लगे हरे-भरे पेड़ों को काटकर पर्यावरण को नुकसान पहुँचाया जा रहा है और जमीन की अवैध रूप से खरीद-बिक्री की तैयारी चल रही है। इस पूरे खेल में आम कब्जाधारियों के साथ-साथ नगर निगम के ही एक कर्मचारी की संलिप्तता की बात सामने आने से हड़कंप मच गया है।
Advt

हरे-भरे पेड़ों की कटाई और टेंट लगाकर कब्जा
स्थानीय निवासियों से मिली जानकारी के अनुसार, अंबेडकर भवन से सटी यह सरकारी जमीन राजस्व रिकॉर्ड में ग्रीन जोन के रूप में चिन्हित है। पिछले कुछ दिनों से यहाँ पर लगातार पेड़ काटे जा रहे हैं। जमीन को समतल (प्लेन) करने के बाद वहाँ टेंट और तिरपाल लगाकर अवैध प्लाटिंग का काम धड़ल्ले से किया जा रहा है।
Advt

निगम कर्मी पर गंभीर आरोप, प्रशासन पर ‘दोहरे रवैये’ का शक
क्षेत्रीय नागरिकों ने नगर निगम के एक कर्मचारी पर इस अवैध कब्जे को संरक्षण देने और खुद शामिल होने के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि:
-
कर्मचारी ने इसी शासकीय ग्रीन जोन की जमीन पर अपना मकान भी बना लिया है।
-
शिकायत के बाद जब नगर निगम की जेसीबी टीम मौके पर पहुँची, तो अन्य निर्माणों पर तो नजरें गईं, लेकिन निगम कर्मी के मकान पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
-
इस पक्षपातपूर्ण रवैये को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और उन्होंने प्रशासन पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया है।
कार्रवाई के दावे के बाद भी काम जारी
हैरानी की बात यह है कि नगर निगम की टीम द्वारा मौके पर जाकर कार्रवाई का दावा किए जाने के बावजूद, जमीन की नपाई और पेड़ काटने का सिलसिला थमा नहीं है। स्थानीय लोगों के मुताबिक अवैध प्लाटिंग का काम अब भी पर्दे के पीछे से जारी है।
विभागीय जांच के बाद होगी कड़ी कार्रवाई: जोन कमिश्नर इस पूरे मामले पर नगर निगम के जोन कमिश्नर पवन वर्मा ने बताया कि मुड़ापार में अवैध कब्जे और प्लाटिंग की शिकायत मिलते ही निगम की टीम ने मौके पर जाकर शुरुआती कार्रवाई की है। इसके साथ ही अवैध कब्जा करने वाले अन्य लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। निगम कर्मचारी की संलिप्तता के आरोपों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले की विभागीय जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सख्त से सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।








