नई दिल्ली 16 जून : मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट यूजी 2026’ के री-एग्जाम से ठीक पहले केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने एक बेहद सख्त कदम उठाया है। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) आगामी 21 जून को होने वाली परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम (Telegram) पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही, टेलीग्राम का सबसे चर्चित ‘मैसेज एडिट फीचर’ भी 30 जून तक पूरी तरह बंद रखने का कड़ा आदेश जारी किया गया है।
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फर्जीवाड़ा रोकने के लिए लिया गया फैसला
NTA के मुताबिक, कुछ असामाजिक तत्व और ठग गिरोह टेलीग्राम का गलत इस्तेमाल कर रहे थे। ये गिरोह छात्रों और उनके माता-पिता को परीक्षा का असली प्रश्नपत्र देने का झूठा झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी कर रहे थे।(आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज)
सरकार का मानना है कि इस प्रतिबंध से परीक्षा के दौरान फैलने वाली किसी भी तरह की अफवाह पर लगाम लगेगी और ईमानदार छात्रों को मानसिक राहत मिलेगी।
‘प्राइवेट माफिया’ और फर्जी चैनलों पर पैनी नजर
जांच में सामने आया है कि टेलीग्राम पर “Paper Leaked NEET”, “Re-NEET 2026” और “Private Mafia” जैसे दर्जनों फर्जी चैनल बनाकर छात्रों को गुमराह किया जा रहा था। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) प्रशासन इन सभी चैनलों पर लगातार निगरानी रख रहा था, जिसके बाद यह बड़ा फैसला लिया गया। NTA ने छात्रों को पूरी तरह आश्वस्त किया है कि:
“परीक्षा का असली प्रश्नपत्र पूरी तरह सुरक्षित है और यह किसी भी बाहरी व्यक्ति या ग्रुप के पास उपलब्ध नहीं है।”
मैसेज ‘एडिट फीचर’ का ऐसे होता था गलत इस्तेमाल
अक्सर देखा गया है कि परीक्षा खत्म होने के बाद ये ठग पुराने मैसेज को एडिट (संशोधित) कर देते थे और उसमें असली प्रश्नपत्र की तस्वीरें जोड़ देते थे।(आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) इससे आम लोगों और छात्रों को ऐसा भ्रम होता था मानो पेपर परीक्षा से पहले ही लीक हो गया हो। इसी तकनीकी चालाकी और भ्रामक सामग्री को रोकने के लिए एडिट फीचर पर 30 जून तक लॉक लगा दिया गया है।
शिक्षा मंत्रालय का सख्त संदेश: “भविष्य से खिलवाड़ मंजूर नहीं”
शिक्षा मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि छात्रों के भविष्य और परीक्षा की शुचिता के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार इस बार किसी भी चूक के मूड में नहीं है। प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की सोशल मीडिया अफवाहों पर ध्यान न दें और पूरा फोकस अपनी पढ़ाई पर रखें।









