रायपुर 29 मई । छत्तीसगढ़ के बस्तर की खूबसूरत वादियों, घने जंगलों और जलप्रपातों का जादू अब पूरी दुनिया के सिर चढ़कर बोलेगा। राज्य की विष्णु देव साय सरकार बस्तर को वैश्विक पर्यटन के नक्शे पर चमकाने के लिए एक बड़ा गेम-चेंजर कदम उठाने जा रही है।
Advt

टाटा समूह की प्रतिष्ठित इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) ने छत्तीसगढ़ के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में ₹500 करोड़ से अधिक के निवेश का बंपर प्रस्ताव दिया है। मुख्यमंत्री निवास में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में खुद सीएम विष्णु देव साय और कंपनी के प्रतिनिधियों के बीच इस मेगा प्रोजेक्ट को लेकर रणनीति तैयार हुई।
खबर के मुख्य आकर्षण
-
टूरिज्म को ‘उद्योग’ का दर्जा: सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद से निवेशकों में भारी उत्साह है।
-
बस्तर की बदलेगी तस्वीर: इस निवेश से बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और वाटरफॉल्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
-
रोजगार की बौछार: ₹500 करोड़ के इस निवेश से बस्तर और छत्तीसगढ़ के स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के हजारों नए रास्ते खुलेंगे।
-
मिलेगी ‘B-Spoke’ स्पेशल ट्रीटमेंट: वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने साफ किया कि ₹500 करोड़ से ज्यादा निवेश या 1000 से अधिक रोजगार देने वाली कंपनियों को सरकार ‘बी-स्पोक पॉलिसी’ के तहत विशेष रियायतें और सुविधाएं देगी। सिंगल विंडो सिस्टम से काम सुपरफास्ट होगा।
क्यों खास है यह निवेश?
इंडियन होटल्स कंपनी (IHCL) ताज (Taj), विवांता (Vivanta) और जिंजर (Ginger) जैसे नामी लग्जरी होटल्स का संचालन करती है। बस्तर में इनके आने से न सिर्फ सड़कों और कनेक्टिविटी का कायाकल्प होगा, बल्कि हाई-प्रोफाइल देसी-विदेशी पर्यटकों की आमद भी तेजी से बढ़ेगी।
“हमारा मकसद छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक खूबसूरती और जनजातीय संस्कृति को दुनिया के सामने लाना है। इस निवेश से राज्य का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा और युवाओं को सीधे फायदा मिलेगा।”
— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़








