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जरीकेन, कड़ा, डंडा और दो टूटी चैन: दीपका के पेट्रोल पंप पर आधी रात का हाई-वोल्टेज ड्रामा, मैनेजर और ग्राहक दोनों पहुंचे थाने!

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कोरबा 21 मई। जिला प्रशासन भले ही दावे कर रहा हो कि शहर में तेल की कोई किल्लत नहीं है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। नियमों के मुताबिक पेट्रोल पंपों पर डिब्बे या बोतल में ईंधन देना सख्त मना है। लेकिन जब आधी रात के सन्नाटे में ‘रसूख’ और ‘रूल बुक’ आपस में टकराए, तो दीपका का गोपीचंद पेट्रोल पंप अचानक ‘दंगल फिल्म’ के अखाड़े में तब्दील हो गया।

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मामला इतना गरमाया कि दोनों पक्षों के बीच जमकर लात-घूंसे चले, डंडे बरसे और मजेदार बात यह रही कि दोनों ही पक्षों के गले की सोने की चैन इस मारपीट की भेंट चढ़ गई! अब पुलिस ने दोनों तरफ की शिकायत पर ‘क्रॉस एफआईआर’ दर्ज कर ली है।

पक्ष नंबर 1: “जबरन ले गए 6000 का डीजल, मना किया तो कड़े से पीटा”

पंप के मैनेजर केसर खान के मुताबिक, घटना 18 मई की देर रात (करीब 12:50 बजे) की है। वह घर जा चुके थे, तभी कर्मचारियों ने फोन किया कि शिवम शर्मा नाम का शख्स जबरन जरीकेन (डिब्बा) लेकर आया, गाली-गलौज की और दबाव बनाकर 6,000 रुपये का डीजल लेकर चला गया।

मैनेजर का आरोप: “जब मैंने शिवम को फोन करके कहा कि डिब्बे में तेल देना मना है और डीजल वापस कर जाओ, तो वह आगबबूला हो गया। वह अपने साथी संजू शर्मा के साथ पंप पर धमकाते हुए पहुंचा। उसने हाथ-मुक्कों और अपने हाथ में पहने भारी कड़े से मुझे बेरहमी से पीटा। मेरी सोने की चैन भी टूटकर कहीं गिर गई। जब हमारे अकाउंटेंट सत्यम बीच-बचाव करने आए, तो उन्हें भी नहीं बख्शा।”

पक्ष नंबर 2: “मैनेजर ने बरसाए डंडे, 8000 के डीजल पर हुआ विवाद”

कहानी में ट्विस्ट तब आया जब दूसरे पक्ष के शिवम शर्मा ने भी अस्पताल से सीधे थाने का रुख किया और मैनेजर पर ही गंभीर आरोप मढ़ दिए। शिवम की कहानी थोड़ी अलग है।

शिवम का आरोप: “मैं रात करीब 12:30 बजे अपनी गाड़ी के लिए 8,000 रुपये का डीजल लेने कैन लेकर गया था। वहां मौजूद सुपरवाइजर केसर खान और अकाउंटेंट सत्यम ने डीजल देने की बात पर मुझसे विवाद शुरू कर दिया। केसर खान ने डंडे से मेरी पीठ, हाथ और गले पर ताबड़तोड़ वार किए। उन्होंने मेरा गला दबाया, जिससे मेरी भी सोने की चैन टूट गई।”

पुलिसिया कार्रवाई: दोनों पक्षों पर ‘बराबर’ का कानूनी हंटर

इस ‘चैन खींचू’ और ‘लठमार’ विवाद के बाद दीपका पुलिस ने तराजू के दोनों पलड़े बराबर रखे हैं। पुलिस ने दोनों ही पक्षों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एक-दूसरे के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

  • दर्ज धाराएं: दोनों पक्षों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 296 (अश्लील हरकतें/गाली-गलौज), 3(5) (समान इरादा) और 351(3) (आपराधिक धमकी) के तहत जुर्म दर्ज किया गया है।

अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि आधी रात को डीजल के डिब्बे के साथ ‘दबंगई’ किसने शुरू की थी!

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