कोलकाता 6 मई : पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद भड़की हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। मंगलवार को अलग-अलग घटनाओं में भाजपा के दो और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक कार्यकर्ता की जान चली गई। इन घटनाओं के बाद राज्य के कई हिस्सों में तनाव व्याप्त है और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है।
प्रमुख घटनाएँ और मौतें
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न्यू टाउन (कोलकाता): भाजपा कार्यकर्ता मधु मंडल की कथित तौर पर टीएमसी समर्थकों ने पिटाई कर दी। यह विवाद भाजपा के विजय जुलूस के दौरान शुरू हुआ था। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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बीरभूम (नानूर): टीएमसी कार्यकर्ता अबीर शेख की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई। टीएमसी ने इसका आरोप भाजपा पर लगाया है, जबकि भाजपा ने इसे निष्पक्ष जांच का विषय बताया है।
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हावड़ा (उदय नारायणपुर): भाजपा कार्यकर्ता यादव बर की मौत की खबर है। उनकी पत्नी का आरोप है कि ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाने और गुलाल खेलने की वजह से उन पर जानलेवा हमला किया गया।
राज्यभर में तोड़फोड़ और आगजनी
हिंसा की लपटें केवल हत्याओं तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि कई इलाकों में संपत्ति को नुकसान पहुँचाया गया:
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टालीगंज: पूर्व मंत्री अरूप विश्वास के चुनाव कार्यालय में तोड़फोड़ की गई।
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कस्बा: रूबी क्रॉसिंग के पास टीएमसी पार्षद के दफ्तर पर हमला हुआ।
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अन्य जिले: हावड़ा, उत्तर 24 परगना और मुर्शिदाबाद में भी पार्टी कार्यालयों में आगजनी और मारपीट की खबरें सामने आई हैं।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
जहाँ टीएमसी ने भाजपा पर सुनियोजित हिंसा फैलाने का आरोप लगाया है, वहीं भाजपा का कहना है कि यह टीएमसी की आपसी गुटबाजी का परिणाम है। इस बीच, निर्वाचन आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्थानीय पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
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